Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Jun 12, 2023, 04:23 PM (IST)
Microsoft ने पॉपुलर ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर विंडोज 11 (Windows 11) में नए सिक्योरिटी फीचर जोड़े हैं, जिनमें ऐप प्राइवेसी सेटिंग और अपडेटेड VPN शामिल है। इन नई सुविधाओं के जरिए यूजर अपने निजी डेटा को सुरक्षित रख सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इन सुरक्षा फीचर से यूजर का उनके डेटा पर पूरी तरह से कंट्रोल बना रहेगा और इनके इस्तेमाल से डेटा कभी लीक नहीं होगा। और पढें: ऑफिस और स्कूल के लिए OpenAI ने पेश किया एक खास ChatGPT App, मिलेंगे भर-भर के AI फीचर्स
कंपनी ने कहा कि सिक्योरिटी के लिए वीपीएन फीचर को अपडेट किया गया है। यह सुविधा अब यूजर्स को विंडोज 11 के टास्कबार में छोटे शिल्ड आइकन के रूप में दिखाई देगी। इस फीचर को क्विक सेटिंग में जाकर कस्टामाइज भी किया जा सकता है। और पढें: Microsoft ने सस्ता किया Xbox Game Pass, लेकिन Call of Duty फैंस को लगा झटका
कंपनी ने आगे यह भी बताया कि विंडोज 11 पर काम करने वाले पीसी दमदार प्लूटोन सिक्योरिटी प्रोसेसर से लैस होंगे, जिनसे चिप से लेकर क्लाउड तक को सुरक्षा मिलेगी। इसके आने से मैलवेयर और साइबर अटैक को आसानी से रोका जा सकेगा। और पढें: Anthropic का नया AI मॉडल लॉन्च, जानें क्या है Claude Opus 4.7 और क्यों है खास?
माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, यूजर के अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म पर बैजिंग फीचर को ऐड किया गया है। इसके अलावा, यूजर्स को इस महीने से विंडोज 11 के स्टार्ट मेन्यू में रियल-टाइम अलर्ट मिलेंगे, जिससे वह अपनी निजी डिटेल और फाइलों को सुरक्षित रख पाएंगे। वहीं, कंपनी ने कहा कि यूजर की सिक्योरिटी की तरफ यह पहला कदम है और आने वाले दिनों में हम और भी सिक्योरिटी फीचर लाएंगे।
ऊपर बताए गए फीचर के अलावा माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 11 के पेंट एप्लिकेशन के लिए डार्क मोड की टेस्टिंग कर रहा है। कयास लगाएं जा रहे हैं कि पेंट के लिए डार्क मोड को जल्द ही रिलीज किया जाएगा।
आपको बता दें कि टेक जाइंट माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल मार्च में इंसाइडर प्रीव्यू वर्जन रोलआउट किया था, जिसके तहत यूजर को वॉल्यूम मिक्सर मिला। इस सुविधा की मदद से यूजर अपने हिसाब से सिस्टम के वॉल्यूम को कंट्रोल कर सकते हैं। इसके अलावा, सर्च बार को सुधारने के साथ WIN + CTRL + V शॉर्टकट को ऐड किया था।
इससे पहले कंपनी ने Azure Operator Nexus क्लाउड प्लेटफॉर्म को पेश किया था। इस सिस्टम को खासतौर पर कंपनियों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनियां इस सॉफ्टवेयर के जरिए अपने वर्कलोड को आसानी से मैनेज कर सकती हैं। इसका इस्तेमाल AT&T ने शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इस सॉफ्टवेयर का उपयोग और भी कंपनियां करेंगी।