Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Apr 21, 2026, 04:14 PM (IST)
LPG DAC Numder
LPG Rules: देशभर में अभी भी LPG गैस सिलेंडर के हालात पूरी तरह से सुधरे नहीं है। अभी भी लोग सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं। हालांकि, समय पर गैस सिलेंडर रिसीव न होने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। एलपीजी की किल्लत को देखकर हुए सरकार नए-नए नियम लागू करती जा रही है। नए नियमों के बीच DAC नंबर की भी एंट्री हो चुकी है। यह एक यूनिक नंबर होता है, जिसे आपको गैस डिलीवर करने आए एजेंट को बताना होता है। जब-तक आप वो नंबर डिलीवरी एजेंट को नहीं बताते तब-तक वो आपको सिलेंडर नहीं देगा। खास बात यह है कि इतने समय बाद भी अब भी कई लोग हैं, जिसे DAC नंबर के बारे में ज्यादा जानकारी है ही नहीं। अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं, तो यहां जान लें इस नंबर से जुड़ी सभी डिटेल्स। और पढें: LPG e-KYC Online: मिनटों में घर बैठे कर लें ई-केवाईसी, वरना गैस सिलेंडर मिलने में होगी दिक्कत
DAC नंबर की बात करें, तो इसकी फुल-फॉर्म Delivery Authentication Code है। सरकार ने इसकी शुरुआत LPG गैस कंपनियों में डिलीवरी को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने व ब्लैक मार्केटिंग को खत्म करने के लिए की है। यह एक तरह से OTP की तरह काम करता है, जिसे आपको सिलेंडर पाने के लिए डिलीवरी एजेंट को देना होता है। और पढें: LPG Crisis: 5KG Chhotu Cylinder के लिए एजेंसी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, घर बैठे फोन पर ऐसे करें बुक
DAC Number पाने के लिए आपको अलग से कोई मेहनत करने की जरूरत नहीं है। जब भी आप अपने रजिस्टर्ड नंबर से गैस बुक करते हैं, तो बुकिंग कंफर्म होने के साथ ही आपको यही डीएसी नंबर मिल जाता है। यह नंबर आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐर व मैसेज पर प्राप्त होगा। और पढें: LPG Crisis: 5000 रुपये से कम में खरीदें ये Top 8 Induction Cooktop, गैस की नहीं पड़ेगी जरूरत
जैसे कि हमने बताया इस DAC नंबर के जरिए सरकार का उद्देश्य फर्जी डिलीवरी, सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग, गलत बिलिंग व गैस चोरी जैसी तमाम समस्याओं को खत्म करना है। कई लोगों को अभी भी इस नंबर के बारें में ज्यादा जानकारी नहीं है इस वजह से वो डिलीवरी के वक्त कोड नहीं बता पाते और डिलीवरी एजेंट गैस दिए बिना लौट जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि किसी तकनीकी खराबी की वजह से आपको नंबर प्राप्त नहीं हुआ है, तो आप बिना घबराए डिलीवरी एजेंट को दोबारा कोड भेजने के लिए कह सकते हैं।