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Online Scam: सस्ते प्रोडक्ट के नाम पर हो रहे ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें?

Fake E-Commerce Fraud: ऑनलाइन शॉपिंग के इस दौर पर फर्जी ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सस्ते प्रोडक्ट के नाम पर ये फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट अपना जाल बिछाते हैं।

Edited By: Harshit Harsh | Published By: Harshit Harsh | Published: Jul 19, 2023, 03:27 PM (IST)

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Highlights

  • फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट के नाम पर लगातार ऑनलाइन फ्रॉड हो रहे हैं।
  • सस्ते प्रोडक्ट्स बेचने का दावा करने वाली ये कंपनियां आसानी से लोगों को शिकार बना रही हैं।
  • इन फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट की जांच आसानी से की जा सकती है।
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Online Scam: ऐसा कई बार होता है कि आप अपने फोन पर सोशल मीडिया ऐप जैसे कि Facebook, Instagram आदि स्क्रॉल कर रहे हों और आपको ऐसे मार्केटिंग वाले ऑफर्स दिखेंगे, जिनमें ब्रांडेड प्रोडक्ट काफी कम कीमत में मिल रहे हो। ज्यादातर लोग डिस्काउंट, ऑफर आदि के लालच में इन मार्केटिंग वाले विज्ञापन पर क्लिक करके प्रोडक्ट ऑर्डर कर देते हैं और ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन जाते हैं। आजकल साइबर अपराधी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ऑफर्स के नाम पर लोगों को शिकार बना रहे हैं। news और पढें: WhatsApp में अभी ON कर लें ये खास सिक्योरिटी फीचर, स्कैमर्स नहीं बना पाएंगे आपको अपना शिकार

भारत में तेजी से बढ़े साइबर फ्रॉड

भारत में ऑनलाइन फ्रॉड के हजारों मामले सामने आए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा शेयर किए साइबर फ्रॉड के डेटा को देखा जाये तो साल 2017 से 2020 के बीच साइबर फ्रॉड के मामलों में कई गुना बढ़ोतरी देखी गई है। 2017 में साइबर फ्रॉड के कुल 3,466 मामले सामने आए थे। 2020 में ये मामले बढ़कर 10,395 तक पहुंच गये। news और पढें: AI Deepfake Scam: नकली वीडियो बनाकर ठगी को दिया अंजाम, ऐसे करें खुद का बचाव

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साइबर ठगी के मामले तीन गुना तक बढ़ गए हैं। इस दौरान साइबर अपराध के मामलों में तेलंगाना पहले नंबर पर रहा है। 2017 में तेलंगाना में साइबर ठगी के महज 277 मामले आए थे, जबकि 2020 में साइबर ठगी के 3,316 मामले सामने आए थे। 2020 में इसके बाद महाराष्ट्र में 2,032, बिहार में 1,294, ओड़िसा में 1,079, आंध्र प्रदेश में 764 मामले सामने आए थे। जबकि इन राज्यों में 2017 में क्रमशः 1,426, 427, 333 और 166 मामले सामने आए थे। news और पढें: क्या होता है Dark Web और यह आम इंटरनेट से अलग क्यों है? भारत के लोग हो रहे शिकार, ऐसे बचें

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कैसे बचें?

अगर, आपको सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अगर आपको ऐसे ही सस्ते में ब्रांडेड सामान मिले तो आप उसे आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको वेबसाइट की ऑथेंटिसिटी चेक करनी होती है।

  • इसके लिए प्रोडक्ट बेचने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का लिंक कॉपी करें और scamadviser.com पर जाएं।
  • इस वेबसाइट को नीदरलैंड्स की एक कंपनी ई-कॉमर्स ऑपरेशन बी.वी (Ecommerce Operations B.V.) ने डिजाइन किया है, जो फर्जी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का पता लगा सकता है।
  • Scam Advisor वेबसाइट पर टॉप में सर्च बार दिया गया है, जहां आप कॉपी किए गए URL यानी लिंक को पेस्ट कर दें।
  • अगले पेज पर उस वेबसाइट का ट्रस्ट स्कोर दिखेगा।
  • अगर वेबसाइट का ट्रस्ट स्कोर रेड यानी लाल रंग में है, तो आप उस वेबसाइट से प्रोडक्ट खरीदने की गलती नहीं करें।
  • ट्रस्ट स्कोर के साथ-साथ वेबसाइट के पॉजिटिव और निगेटिव रिव्यू भी वहां दिखेंगे।
  • आप चाहें तो उस वेबसाइट के बारे में और ज्यादा जानकारी डिटेल्ड एनालिसिस पर क्लिक करके ले सकते हैं।