Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: May 09, 2026, 01:13 PM (IST)
आज के दौर में जहां सारे काम चंद क्लिक में पूरे हो जाते हैं, वहीं ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। हाल ही में अहमदाबाद में साइबर ठगी से जुड़ा एक मामला सामने आया, जिसमें अपराधियों ने AI (Artificial intelligence) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके डीपफेक वीडियो बनाई और अपराध को अंजाम दिया। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल उठता है कि इस तरह के स्कैम से खुद को सुरक्षित कैसे रखा जाए, तो इसका जवाब आपको यहां मिलेगा। और पढें: Mothers Day पर मां को तोहफे में दें ये स्मार्टफोन, कीमत 10000 रुपये से भी कम
हम आपको इस आर्टिकल में डीपफेक स्कैम (Deepfake Scams) से बचने के कुछ आसान व जरूरी टिप्स देने वाले हैं, जिन्हें फॉलो करने से आपका निजी डेटा और पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। और पढें: अब इंसानों की तरह सीखने लगा AI, Anthropic के Claude में आया खास फीचर
डीपफेक स्कैम ठगी करने का बेहद ही एडवांस तरीका है। इस स्कैम को अंजाम देने के लिए जालसाज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करके टारगेट किए गए शख्स की नकली वीडियो, आवाज और फोटो तैयार कर लेते हैं। फिर उस डेटा का उपयोग बैंक से पैसा निकालने से लेकर निजी जानकारी चुराने तक के लिए करते हैं। और पढें: Adobe Acrobat हुआ और भी स्मार्ट, अब AI करेगा मिनटों में पूरा काम
अहमदाबाद के धोखाधड़ी वाले मामले में भी इस ही तरीके को अपनाया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि गिरोह ने सबसे पहले पीड़ित की डीपफेक वीडियो बनाई। इसके लिए गूगल जेमिनी का सहारा लिया। इसके बाद वीडियो के माध्यम से बायोमेट्रिक को बायपास कर आधार से लिंक मोबाइल नंबर को बदलाकर अपना नंबर एंटर किया, जिससे सारे ओटीपी नए नंबर पर आने लगे।
ओटीपी मिलने के बाद गिरोह ने पीड़ित का डिजिलॉकर अकाउंट खोला, जिससे गिरोह के सदस्यों को निजी व फाइनेंशियल डेटा का एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के नाम पर 25 हजार का लोन लिया। इसके साथ कई बैंक अकाउंट खोलने का प्रयास किया।
बता दें कि पीड़ित को पिछले कुछ दिनों से OTP नहीं मिल रहे थे, जिससे उसे गड़बड़ी की आशंका हुई। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। फिर यह मामला सामने आया।