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Anthropic के AI मॉडल Mythos 5 पर लगी कुछ पाबंदियों पर अमेरिका ने दी ढील, क्या भारत को मिलेगी राहत?

अमेरिका ने Anthropic के एडवांस AI मॉडल Mythos 5 पर लगी कुछ पाबंदियों में ढील दी है, लेकिन इसका फायदा फिलहाल सिर्फ चुनिंदा अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा। भारत समेत ज्यादातर देशों की कंपनियां अभी भी इस AI मॉडल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। आइए जानते हैं इसकी पूरी वजह...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 28, 2026, 10:28 AM (IST)

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अमेरिका ने Anthropic के एडवांस AI मॉडल Mythos 5 पर लगी कुछ पाबंदियों में ढील दे दी है, लेकिन इसका फायदा फिलहाल सिर्फ चुनिंदा अमेरिकी कंपनियों और संस्थानों को ही मिलेगा। भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देशों की कंपनियां अभी भी इस AI मॉडल का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। अमेरिकी सरकार ने साफ किया है कि केवल वही कंपनियां Mythos 5 का यूज कर सकेंगी, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा भरोसेमंद पार्टनरशिप माना गया है। इससे साफ है कि फिलहाल इस टेक्नोलॉजी की पहुंच सीमित ही रहेगी। Anthropic ने भी पुष्टि की है कि उसे अमेरिकी सरकार से मंजूरी मिल गई है और वह जल्द ही चुनी गए कंपनियों के लिए Mythos 5 दोबारा उपलब्ध कराएगी। news और पढें: AI बन सकता है दुनिया के लिए खतरा, IMF की डराने वाली चेतावनी

Mythos 5 पर पहले रोक क्यों लगाई गई थी?

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के Administration ने Anthropic के दो सबसे ताकतवर AI मॉडल Mythos 5 और Fable 5 पर रोक लगा दी थी। सरकार का कहना था कि इतने एडवांस AI मॉडल का गलत इस्तेमाल साइबर हमलों, जासूसी या दूसरे देशों की सैन्य एजेंसियों द्वारा किया जा सकता है। अब सरकार ने केवल Mythos 5 के सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 100 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों को इसकी पहुंच मिलेगी। इनमें कई Fortune 500 कंपनियां भी शामिल हैं, जो Anthropic के Project Glasswing Program का हिस्सा मानी जाती हैं, साथ ही इन कंपनियों के विदेशी कर्मचारी और Anthropic के गैर-अमेरिकी कर्मचारी भी लाइसेंस के बिना इस मॉडल का यूज कर सकेंगे। news और पढें: Anthropic का नया AI मॉडल लॉन्च, जानें क्या है Claude Opus 4.7 और क्यों है खास?

भारत समेत कई देशों को अभी भी AI मॉडल क्यों नहीं मिलेगा?

अमेरिकी सरकार का कहना है कि Anthropic ने AI मॉडल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी सुधार किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहले यह आशंका थी कि मॉडल की सुरक्षा को ‘jailbreak’ करके उससे सॉफ्टवेयर की खामियां खोजी जा सकती हैं, जिससे बड़े साइबर हमले आसान हो सकते हैं। हालांकि सरकार ने यह नहीं बताया कि अब कौन-कौन से नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं, दूसरी ओर भारत जैसी उन कंपनियों को अभी भी लाइसेंस संबंधी पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा जो सरकार की मंजूर लिस्ट में शामिल नहीं हैं, यानी फिलहाल भारतीय कंपनियां Mythos 5 यूज नहीं कर पाएंगी। news और पढें: AI ने खुद पकड़ लिया कि उसका टेस्ट हो रहा है, Anthropic के Claude Opus 4.6 ने किया सबको हैरान

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सरकार के इस फैसले पर विवाद क्यों हो रहा है?

सरकार के इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। Foundation for Individual Rights and Expression के जॉन कोलमैन ने सवाल उठाया कि सरकार किन आधारों पर कंपनियों का चयन कर रही है और बाकी को बाहर क्यों रखा गया है। वहीं OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी कहा कि AI की सुरक्षा जांच जरूरी है, लेकिन सरकार को यह तय नहीं करना चाहिए कि कौन-से ग्राहक इन मॉडल्स का इस्तेमाल करेंगे। इसी बीच OpenAI ने भी बताया है कि उसने अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर अपने GPT-5.6 मॉडल की रिलीज फिलहाल टाल दी है और शुरुआती पहुंच सिर्फ कुछ भरोसेमंद पार्टनर्स को ही दी जाएगी। Anthropic को उम्मीद है कि भविष्य में उसके Fable 5 मॉडल को भी आम यूजर्स के लिए मंजूरी मिल जाएगी, हालांकि इसकी कोई तारीख अभी तय नहीं की गई है।