Written By Manisha
दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रदर्शन को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है। ताकी लोग इंटरनेट के जरिए एक-दूसरे से कनेक्ट न कर सकें। हालांकि, इसी बीच खबरे आ रही है कि बिना इंटरनेट एक-दूसरे से कनेक्ट रहने के लिए जंतर-मंतर के लोगों ने एक अलग ऐप का सहारा लिया है, जिसका नाम Bitchat है। यह एक ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप है, जिसमें यूजर्स ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के जरिए एक-दूसरे से जुड़ पाते हैं। वहीं, अब कथित रूप से भारत सरकार ने इस Bitchat टेक्नोलॉजी को बंद करने के आदेश दे दिए हैं। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।
Jack Dorsey ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए कुछ समय पहले ही अएक पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि भारत सरकार को Bitchat जैसी टेक्नोलॉजी पसंद नहीं है और अब वो इसे बंद कराना चाह रहे हैं। इस कैप्शन के साथ उन्होंने सरकारी जैसे दिखने वाले 2 स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। इस स्क्रीनशॉट में कहा गया है कि GitHub को बिटचैट होस्ट करने वाली 3 रिपॉजिटरी को हटाया जाए या फिर बंद कर दिया जाए।
the government of india does not like technologies like bitchat and wants it taken down pic.twitter.com/gjzMg1NGCi
— jack (@jack) July 24, 2026
सरकार ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 की धारा 79(3)(b) व 2021 के रूल 3(1)(d) के तहत GitHub को आदेश दिया है कि वो बिटचैट रिपॉजिटरी को बंद कर दे। नोटिस में कहा जा रहा है कि इस तरह के ऐप का इस्तेमाल इंटरनेट शटडाउन से बचने के लिए या फिर कानूनी निगरानी से बचने के लिए किया जा सकता है।
आपको बता दें, Bitchat ऐप एक ऐसा कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म है, जो कि बिना मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट व सर्वर के भी यूजर्स को एक-दूसरे से फोन पर कनेक्ट होवे की सुविधा देता है। यह ऐप ब्लूटूथ मेश नेटवर्क (Bluetooth Mesh Network) पर काम करता है, जिसमें एक डिवाइस दूसरे पास मौजूद डिवाइस से कनेक्ट होकर मैसेज को आगे बढ़ाने में मदद करता है। कहा जा रहा है कि यह 10 से 100 मीटर तक की रेंज में काम करने में सक्षम है। इस ऐप के Twitter (X) के को-फाउंडर जैक डॉर्सी ने बनाया है।
कहा जा रहा है कि दिल्ली के जंतर-मंतर में CJP के प्रोटेस्ट में इस ऐप का इस्तेमाल बढ़-चढ़कर हो रहा है। सरकार ने जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में इंटरनेट की सुविधा बंद की हुई है। ऐसे में वहां मौजूद प्रदर्शनकारी इस तरह की ऐप का सहारा लेकर एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस प्रोटेस्ट में इस ऐप के जरिए लोग अफवाहों को भी तेजी से फैला रहे हैं।