Written By Manisha
Project Kusha
DRDO Successfully Tests Kusha Missile: भारत अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। हाल ही में भारत ने अपनी स्वदेशी सरफेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) Kusha का पहला सफल टेस्ट पूरा किया। इस नई मिसाइल की मदद से भारत एयर डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा और विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी। आपको बता दें, भारत अभी एयर डिफेंस के लिए रूस की मदद लेता है। आइए जानते हैं Kusha मिसाइल से जुड़ी सभी डिटेल्स। और पढें: भारत ने बना ली सुपरफास्ट हाइपरसोनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी, DRDO ने की सफल टेस्टिंग
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए इस टेस्टिंग की जानकारी दी। अपने पोस्ट में उन्होंने बताया कि DRDO (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) ने ओडिशा के APJ Abdul Kalam Island से लॉन्ग-रेंज Surface-to-Air Missile (SAM) Kusha मिसाइल की सफल फ्लाइट टेस्टिंग की।
The @DRDO_India has successfully conducted the maiden flight test of Long-Range Surface-to-Air Missile Kusha today from the APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha.
Kusha missile system is capable of neutralising wide variety of aerial threats including fighter jets,… pic.twitter.com/EceUgGM1HR
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) July 23, 2026
इसी के साथ उन्होंने बताया कि यह भारत की एक बेहद ही एडवांस मिसाइल होगी। इस तरह की टेक्नोलॉजी कुछ ही देशों के पास मौजूद है, जिसमें अब भारत भी शामिल हो गया है। उन्होंने पोस्ट में कुशा मिसाइल से जुड़ी कई अहम जानकारी सार्वजनिक की।
Maiden flight-test of ‘Kusha’ Long-Range Surface-to-Air Missile was successfully conducted from the APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha today. This test was conducted against an electronic target simulating high-speed and high-altitude aerial threat which was… pic.twitter.com/UeJgNOtCm5
— DRDO (@DRDO_India) July 23, 2026
जैसे कि हमने बताया यह भारत के एयर डिफेंस का पार्ट होने वाली एक लॉन्ग-रेंज Surface-to-Air Missile (SAM) है। यह मिसाइस आसमान से होने वाले दुश्मनी वार को मार गिराने में सक्षम है। यह दूर से ही लॉन्ग-रेंज व ज्यादा ऊंचाई वाले टारगेट को निशाना बना देती है। इतना ही नहीं यह मिसाइल कई तरह के हवाई हमलों से लड़ सकती है। यह कुशा मिसाइल फाइटर जेट्स से लेकर खतरनाक मिसाइलों तक को 1 पल में नष्ट कर देती है।
इसके अलावा, यह ऊंचे पहाड़ से लेकर गहरे समुद्र तक हर जगह काम कर सकती है। कुशा का उद्देश्य भारत के प्रमुथ शहरों व सैन्य ठिकानों को एक तरह का सुरक्षा कवच प्रोवाइड करना है, जिस पर दुश्मन आसमानी हमले न कर सकें। SAM आमतौर पर 200KM से ज्यादा मारक क्षमता के साथ आती है। वहीं, रूस के S-400 Triumf की बात करें तो यह 400KM तक के टारगेट को खत्म कर सकता है।
जैसे कि हमने बताया भारत अभी तक अपने एयर डिफेंस सिस्टम के लिए विदेशों पर निर्भर रहता है, जिसमें रूस प्रमुख है। हालांकि, कुशा की सफल टेस्टिंग के बाद भारत ने एयर डिफेंस में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक जरूरी कदम उठा दिया है। इस तरह की मिसाइलें दूसरे देशों से मिसाइल के आयात की जरूरत को कम कर सकती हैं।