Written By Ashutosh Ojha
Written By Ashutosh Ojha
Edited by Ashutosh Ojha |Published: Jul 23, 2026, 01:54 PM (IST)
OpenAI
ओपनएआई एक एडवांस AI एजेंट का सिक्योरिटी टेस्ट कर रही थी। इस दौरान ये कंट्रोल से बाहर चला गया। जिसके बाद इसने इंटरनेट के जरिए एआई स्टार्टअप Hugging Face के सिस्टम में इंटरनेट का इस्तेमाल करके अंदर घुसा और हैकिंग जैसी एक्टिविटी कर दी। कंपनी के मुताबिक, यह सब एक कंट्रोल्ड टेस्टिंग एनवायरमेंट में हो रहा था, जहां इस मॉडल की क्षमताओं को जांचा जा रहा था। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जैसे-जैसे AI पहले से ज्यादा स्मार्ट और ताकतवर होता जा रहा है, क्या भविष्य में उसे पूरी तरह कंट्रोल में रखना संभव होगा। और पढें: सरकार ने OpenAI और Anthropic के AI मॉडल्स को मंत्रालयों में इस्तेमाल करने पर लगाई रोक, जानिए क्या है वजह
Hugging Face ने भी इस साइबर हमले की पुष्टि की है। कंपनी का कहना है कि यह हमला पहले देखे गए किसी भी साइबर अटैक से बिल्कुल अलग था। इसे शुरुआत से आखिर तक एक Autonomous AI एजेंट ने अंजाम दिया। आपको बता दें इस अटैक का एनालिसिस करने के लिए अमेरिकी AI मॉडल की बजाय चीन की कंपनी Zhipu AI के ओपन-सोर्स मॉडल GLM-5.2 का इस्तेमाल किया। और पढें: OpenAI ने पेश किया अपना पहला AI Chip, जानिए क्या है खास
कंपनी के अनुसार कई अमेरिकी AI मॉडल सुरक्षा कारणों से जरूरी डेटा को प्रोसेस करने से मना कर रहे थे, जबकि GLM-5.2 ने हमले का एनालिसिस करने और डेटा को कंपनी के सिस्टम के अंदर सुरक्षित रखने में मदद की। हाल के महीनों में चीन के GLM-5.2 और Moonshot AI के Kimi K3 जैसे मॉडल कम लागत में बेहतरीन परफॉर्मेंस की वजह से चर्चा में रहे हैं। इनमें अमेरिकी AI मॉडल की तुलना में कम सुरक्षा सीमाएं हैं, जिससे साइबर सिक्योरिटी जैसे मुश्किल काम भी आसानी से किए जा सकते हैं। और पढें: लॉन्च के कुछ दिन बाद ही बंद हुए Anthropic के ये AI मॉडल, आखिर क्यों?
we had a significant security incident during evaluation of our models. we are sharing what we have learned so far. thanks to @huggingface for the partnership on this.https://t.co/2o2VfR6PIa
— Sam Altman (@sama) July 21, 2026
अमेरिका के सांसद ग्रेग कैसर ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि AI बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसे सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नियम अभी तक नहीं बने हैं। उन्होंने AI सिस्टम की स्वतंत्र सुरक्षा जांच, साइबर घटनाओं की अनिवार्य जानकारी सार्वजनिक करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके। OpenAI का कहना है कि यह घटना उसके लिए भी बड़ा सबक है और भविष्य में ऐसे AI मॉडल को और सुरक्षित तरीके से टेस्ट किया जाएगा।