Written By Manisha
Edited By: Manisha | Published By: Manisha | Published: Apr 05, 2026, 11:30 AM (IST)
#HumFitTohIndiaHit: डिजिटल दौर में अब स्मार्टवॉच सिर्फ समय देखने तक सीमित नहीं रह गई है। स्मार्टवॉच को आज के समय में पर्सनल हेल्थ असिस्टेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जी हां, बजट रेंज से लेकर प्रीमियम रेंज तक की स्मार्टवॉच में कई ऐसे हेल्थ व फिटनेट फीचर्स आते हैं, जो कि 24 घंटे आपकी सेहत पर नजर रखते हैं। विकसित होते टेक वर्ल्ड में स्मार्टवॉच यकिनन टेक्नोलॉजी और हेल्थ का एक स्मार्ट कॉम्बिनेशन बनकर उभरी हैं। आज के समय में आप स्मार्टवॉच से अपनी हार्ट रेट, स्लीप, ब्लड ऑक्सीजन जैसे जरूरी हेल्थ पैरामीटर्स पर नजर रख सकते हैं। स्मार्टवॉच में मिलने वाले ये फीचर्स न केवल आपकी हेल्थ का डेटा प्रोवाइड करते हैं बल्कि समय से पहले आपको गंभीर बीमारी का संकेत भी दे देते हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी सभी डिटेल्स। और पढें: लेटेस्ट फीचर्स वाली बेस्ट स्मार्टवॉच, कीमत 3000 रुपये से कम
आज हम इस आर्टिकल में Smartwatch में मिलने वाले कुछ ऐसे जरूरी फीचर्स की जानकारी आपको देने जा रहे हैं, जिनकी सहायता से न केवल आप अपनी फिटनेस पर नजर रख सकते हैं बल्कि हेल्थ को भी स्मार्टली मॉनिटर कर सकते हैं। और पढें: NoiseFit Diva Araya स्मार्टवॉच खूबसूरत डिजाइन और Bluetooth calling के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत
आज के समय में हर स्मार्टवॉच निर्माता कंपनी अपनी स्मार्टवॉच में Heart Rate Monitoring फीचर देती हैं। जब भी आप अपनी कलाई में स्मार्टवॉच पहनते हैं, उस दौरान ये स्मार्टवॉच आपकी दिल की धड़कनों को रिकॉर्ड करके उसे ट्रैक करने में मदद करती हैं। आराम के दौरान हार्ट रेट नॉर्मल व एक्टिविटी के दौरान हाई भी हो जाती है, जिसे आप स्मार्टवॉच के जरिए मॉनिटर कर सकते हैं। अगर हार्ट रेट समान्य से कम या भी ज्यादा हो जाती है, तो वॉच आपको तुरंत अलर्ट देकर सावधान करती है। पिछले कई सालों में देखा गया है कि हार्ट जैसी समस्या बिना लक्षम के इंसानी शरीर में पनपने लगती है। ऐसे में आप स्मार्टवॉच पहनकर इसके शुरुआती लक्षण को पहचान सकते हैं और फिर डॉक्टर को दिखा सकते हैं।
SpO2 सेंसर के जरिए आप ब्लड में मौजूद ऑक्सीजन की मात्रा को मापते हैं। कोरोना के बाद से ही SpO2 मॉनिटरिंग की जरूरत का अहसास लोगों को हो चुका है। आज के समय में हर दूसरी स्मार्टवॉच में आपको यह फीचर मिल जाता है। अगर आपके शरीर में सांस से जुड़ी या फिर किसी तरह का लंग डिजीज पनप रही है, तो इस सेंसर के जरिए आप शुरुआती संकेत पा सकते हैं और डॉक्टर से सही समय पर संपर्क कर सकते हैं।
आपका शरीर कितना स्वस्थ है इसकी जानकारी आप अपने सोने के पैटर्न से भी लगा सकते हैं। हालांकि, सोने के बाद नींद को किस तरह से ट्रैक किया जाए? इसका उत्तर भी स्मार्टवॉच में छिपा है। स्मार्टवॉच आपकी स्लीप को भी ट्रैक करने का काम करती है। स्मार्टवॉच के जरिए आप जान सकते है कि रातभर की नींद में आप कितनी गहरी और हल्की नींद लेते हैं। नींद की क्वालिटी ही आपका खराब व अच्छा स्लीप पैटर्न बताती है। अगर स्लीप पैटर्न खराब है, तो आप उसके सुधार के लिए काम शुरू कर सकते हैं। खराब नींद से अक्सर तनाव, डिप्रेशन, स्ट्रेस, मोटापा व हार्ट की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
मिड-रेंज व प्रीमियम रेंज की स्मार्टवॉच में आपको स्ट्रैस मॉनिटरिंग सेंसर प्राप्त होता है। इस सेंसर के जरिए यूजर्स अपनी मेंटल हेल्थ को भी ट्रैक कर सकता है। मेंटल हेल्थ आज के समय में एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है, जिसके लक्षणों की पहचान आपकी कलाई में बंधी स्मार्टवॉच करती है। स्मार्टवॉच हार्ट रेट वेरिएबिलिटी (HRV) के जरिए स्ट्रेस लेवल को मापती है। अगर आप स्ट्रेस में आते हैं, तो स्मार्टवॉच आपको तुरंत अलर्ट भेजकर ब्रीदिंग एक्सरसाइज का रिमांडर देती है। इसके अलावा, कुछ स्मार्टवॉच AI बेस्ड सुझाव प्रोवाइड करती हैं। अगर आपकी वॉच बार-बार स्ट्रेस अलर्ट दे रही है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
हेल्ख मॉनिटरिंग के साथ-साथ स्मार्टवॉच के जरिए आपको कई खास व उपयोग फिटनेट फीचर्स भी मिलते हैं, जिसमें स्पोर्ट्स व वर्कआउट मोड मिलते हैं। अगर आप एक्सरसाइज करते हैं, तो इन फीचर्स के जरिए जान सकते हैं कि आप वर्कआउट में डेली कितनी प्रगति कर रहे हैं। वर्कआउट मोड्स के अलावा, वॉच Step Tracking के जरिए आपके स्टेप्स को भी मॉनिटर करती है। इसके जरिए आप जान सकते हैं कि दिनभर में आप कितना कदम चले और आपने कितनी कैलोरी बर्न की। फिट रहने के लिए आप डेली एक्टिविटी गोल भी सेट कर सकते हैं।
आपको बता दें, स्मार्टवॉच एक सपोर्ट टूल है, जिसके जरिए आप किसी बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर सकते हैं। हेल्थ के लिए आप पूरी तरह से स्मार्टवॉच जैसी टेक्नोलॉजी पर भरोसा नहीं कर सकते। यह सिर्फ एक टूल है, कोई डॉक्टर नहीं है। स्मार्टवॉच के जरिए डेटा समझकर आपको सीधे डॉक्टर से कंसल्ट करने की सलाह दी जाती है।