Edited By: Harshit Harsh | Published By: Harshit Harsh | Published: May 17, 2023, 05:28 PM (IST)
ChatGPT के नए वर्जन GPT-4 के लिए नया अपडेट आया है। इस अपडेट के बाद यह AI चैटबॉट अब पहले के मुकाबले ज्यादा ‘पावरफुल’ हो गया है। OpenAI ने इस अपडेट के साथ इसे इंटरनेट एक्सेस दे दिया है। चैटजीपीटी के लिए आया यह अपडेट इसमें 70 थर्ड-पार्टी ब्राउजर प्लगइन्स का एक्सेस देगा। इसके अलावा यूजर्स को और भी कई जबरदस्त फीचर्स मिलने वाले हैं। OpenAI का यह अपडेट केवल पेड GPT-4 यूजर्स के लिए है यानी फ्री यूजर्स को पुराना वाला वर्जन ही एक्सेस करना होगा, जिसमें सीमित फीचर्स मिलते हैं। और पढें: ChatGPT हुआ डाउन, यूजर्स को आई सवाल पूछने, नया अकाउंट बनाने और लॉग-इन करने में दिक्कत
ChatGPT Plus यूजर्स ही फिलहाल इन फीचर्स को इस्तेमाल कर पाएंगे, जिसके लिए उन्हें हर महीने 20 डॉलर यानी करीब 1,648 रुपये खर्च करने होंगे। इंटरनेट एक्सेस मिलने की वजह से ChatGPT AI अब पहले के मुकाबले बेहद सटीक उत्तर दे पाएगा। यूजर द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल को यह चैटबॉट इंटरनेट पर मौजूद डेटाबेस के आधार पर उत्तर देगा। यही नहीं, यह हाल के फैक्ट्स और विशलेषण के आधार पर भी जानकारी उपलब्ध कराएगा। और पढें: फोटो असली है या AI? अब ऐसे चलेगा पता, ChatGPT और Gemini बताएगा तस्वीर का सच
लॉन्च के बाद से ही ChatGPT AI के इस्तेमाल में कई दिक्कतें आईं। इसे इटली जैसे देश में बैन भी किया गया। इसकी वजह यह चैटबॉट 2021 तक की जानकारी के आधार पर उत्तर दे रहा था, जिसकी वजह से यूजर्स को 2021 के बाद की जानकारियां नहीं मिल रही थी। ChatGPT Plus का यह नया अपडेट इसकी यह कमी दूर कर देगा। और पढें: WWDC 2026 इवेंट इस तारीक से होगा शुरू, क्या इस बार Apple पेश करेगा AI वाला Siri?
इसके अलावा ChatGPT Plus का यह नया अपडेट और कई बेनिफिट्स के साथ आता है। इसमें यूजर्स को पहले के मुकाबले तेज रिस्पॉन्ट टाइम मिलेगा। यही नहीं, कई प्रायरिटी फीचर्स भी मिलेंगे। प्रीमियम यूजर्स फिलहाल GPT-3.5 या GPT-4 में से किसी एक वर्जन को चुन सकते हैं। थर्ड पार्टी ब्राउजर प्लगइन से यह AI टूल अपनी प्रोडक्टिविटी को बढ़ा लेगा।
हाल में आयोजित हुए Google I/O में गूगल ने अपने AI चैटबॉट Bard को 180 देशों में लॉन्च किया है। गूगल का यह AI चैटबॉट ChatGPT के लिए बड़ी चुनौती लेकर आया है। Bard में यूजर्स को लेटेस्ट जानकारियां मिल रही थी, क्योंकि इसमें पहले से ही इंटरनेट एक्सेस मिलता है। साथ ही, गूगल का यह टूल फ्री-टू-यूज है यानी इसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं होती है।
वैसे Google ने अपने AI Chatbot का यूजर इंटरफेस ChatGPT की तरह ही रखा है। यह काफी हद तक OpenAI के चैटबॉट से इंस्पायर्ड लगता है। उम्मीद है ChatGPT और Google Bard के बीच यह जंग आगे भी चलने वाला है।