Published By: Mona Dixit | Published: Mar 24, 2023, 11:32 AM (IST)
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Data Breach: आए दिन डेटा लीक की खबरें आती हैं। लाखों यूजर्स इसका शिकार हो रहे हैं। समय के साथ-साथ साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। अब साइबराबाद पुलिस ने एक बड़े पैमाने पर डेटा उल्लंघन का खुलासा किया है, जिसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है। इस डेटा ब्रीच (Data Breach) में सरकार और महत्वपूर्ण संगठनों के संवेदनशील डेटा की चोरी और बिक्री हुई है। ममाले में शामिल एक गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 2.55 लाख रक्षा कर्मियों की डिटेल शामिल थी। साथ ही व्हाट्सऐप और फेसबुक यूजर का डेटा भी चोरी हुआ है। और पढें: GTA 5 Cheats इस्तेमाल करने वालों का डेटा लीक? क्या हजारों यूजर्स की जानकारी खतरे में
Gadegts 360 की रिपोर्ट के अनुसार, साइबराबाद के पुलिस आयुक्त एम स्टीफन रवींद्र ने गुरुवार को बताया कि आरोपी व्यक्तियों को 140 से अधिक विभिन्न कैटेगरी की जानकारी बेचते हुए पाया गया, जिसमें संवेदनशील जानकारी जैसे कि रक्षा कर्मियों की डिटेल और नागरिकों के मोबाइल नंबर और NEET छात्रों के मोबाइल नंबर शामिल हैं। और पढें: GTA 6 के लॉन्च से पहले Rockstar Games पर हुआ साइबर अटैक, डेटा लीक करने की मिली धमकी
पुलिस ने बताया कि दिल्ली से सात डेटा ब्रोकरों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी नोएडा और अन्य जगहों पर तीन कंपनियों (कॉल सेंटर) के जरिए काम कर रहे थे। अब तक यह पाया गया है कि आरोपी ने कम से कम 100 जालसाजों को डेटा बेचा, जिन्होंने इसका यूज साइबर अपराध करने के लिए किया। पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है। और पढें: Instagram Data Breach: 1.75 करोड़ इंस्टाग्राम यूजर्स का डेटा हुआ लीक, इस मेल से तुरंत हो जाएं अलर्ट
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी एक संपर्क विवरण निर्देशिका सेवा प्रदाता और इसी तरह के प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा बेच रहे थे। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी ने 50,000 नागरिकों के डेटा को कम से कम 2,000 रुपये में बेचा था।
आरोपी ऊर्जा और बिजली क्षेत्र, पैन कार्ड डेटा, सरकारी कर्मचारी, गैस और पेट्रोलियम, एचएनआई (हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स), डीमैट खाते, छात्र डेटाबेस, महिला डेटाबेस, ऐसे लोगों के डेटा जैसी श्रेणियों में जानकारी बेचते पाए गए। ऋण और बीमा के लिए आवेदन किया, और क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड धारक (निजी बैंकों के), WhatsApp, फेसबुक यूजर्स, IT संगठन के कर्मचारी, लगातार उड़ने वाले आदि भी इसमें शामिल थे।
आरोपियों के पास नीट के छात्रों का नाम, मोबाइल नंबर और आवासीय पता सहित उनका डाटा भी मिला है। एक पैन कार्ड डेटाबेस भी मिला, जिसमें नागरिकों की आय, ईमेल आईडी, फोन नंबर, पते पर संवेदनशील जानकारी थी।
पुलिस ने कहा कि डेटा चोरी में 1.2 करोड़ व्हाट्सऐप यूजर्स और 17 लाख फेसबुक यूजर्स को भी निशाना बनाया गया था। पुलिस को दो करोड़ छात्रों, 12 लाख CBSE कक्षा 12 के छात्रों, 40 लाख नौकरी चाहने वालों, 1.47 करोड़ कार मालिकों, 11 लाख सरकारी कर्मचारियों और 15 लाख IT प्रोफेशनल की डिटेल भी शामिल है।