Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 21, 2026, 01:31 PM (IST)
NASA
पृथ्वी से करीब 217 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित HD 80606 b नाम का एक विशाल गैस ग्रह इन दिनों वैज्ञानिकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। NASA के James Webb Space Telescope (JWST) ने इस अनोखे एक्सोप्लैनेट का अध्ययन करते हुए एक हैरान करने वाली खोज की है। वैज्ञानिकों ने पाया कि यह ग्रह अपने तारे के सबसे करीब पहुंचते ही कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 1100 डिग्री फारेनहाइट (करीब 600 डिग्री सेल्सियस) तक गर्म हो जाता है। यह बदलाव इतनी तेजी से हुआ कि रिसर्चर्स को भी इसकी तीव्रता देखकर आश्चर्य हुआ। HD 80606 b का एक वर्ष 111 दिनों का होता है और यह अपने अधिकांश समय बेहद ठंडे वातावरण में बिताता है, लेकिन कक्षा के एक खास हिस्से में पहुंचते ही इसकी स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। और पढें: 57 प्रकाश-वर्ष दूर इस गुलाबी ग्रह और यहां मौजूद हैं नमक के बादल, सिर्फ 2 घंटे में JWST ने खोल दिए इसके राज!
HD 80606 b को सामान्य ‘Hot Jupiter’ ग्रहों से अलग माना जाता है। इसका Mass Jupiter Planet से लगभग चार गुना ज्यादा है और इसकी कक्षा बहुत अधिक अंडाकार (Eccentric Orbit) है। अपने तारे से दूर रहने पर यह काफी ठंडा रहता है, लेकिन जब यह अपने तारे के सबसे नजदीकी बिंदु, जिसे पेरिआस्ट्रॉन कहा जाता है, पर पहुंचता है तो इसकी दूरी केवल 0.03 Astronomical unit (AU) रह जाती है। इस दौरान तारे से मिलने वाली एनर्जी अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिससे ग्रह का वातावरण तेजी से गर्म होने लगता है। इस अनोखी घटना को समझने के लिए NASA की Jet Propulsion Laboratory की वैज्ञानिक Tiffany Kataria और उनकी टीम ने JWST के MIRI इक्विपमेंट की मदद से ग्रह का अध्ययन किया। और पढें: वैज्ञानिकों ने सुलझाया ब्रह्मांड का बड़ा रहस्य, आखिर क्यों खत्म हो गईं शुरुआती समय की बड़ी-बड़ी Galaxies?
वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को तब देखा जब वह अपने तारे के करीब पहुंच रहा था और फिर उससे दूर जा रहा था। JWST की खास टेक्नोलॉजी ने ग्रह और तारे से आने वाली रोशनी का बारीकी से अध्ययन किया। इससे वैज्ञानिकों को पता चला कि ग्रह का तापमान और उसका वायुमंडल समय के साथ कैसे बदलता है। अध्ययन में सामने आया कि ग्रह का तापमान वैज्ञानिकों की उम्मीद से भी ज्यादा बढ़ गया। पहले Spitzer Space Telescope के डेटा के आधार पर जो अनुमान लगाए गए थे, असली तापमान उनसे कहीं ज्यादा निकला। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह किसी एक्सोप्लैनेट पर अब तक देखे गए सबसे तेज और बड़े तापमान बदलावों में से एक है। और पढें: NASA के James Webb Space Telescope ने खोजा 10 अरब प्रकाश वर्ष दूर छिपा Black Hole, वैज्ञानिक भी हैरान!
इस अध्ययन की एक और बड़ी सफलता यह रही कि JWST ने ग्रह के वातावरण में मौजूद कुछ अहम गैसों का साफ पता लगाया। वैज्ञानिकों को मीथेन (Methane) और कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide) जैसी गैसों के बेहतर संकेत मिले हैं। Cornell University के वैज्ञानिक Ryan Challener के मुताबिक, पहली बार इन गैसों को इतनी स्पष्टता से देखा गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में हॉट जुपिटर जैसे विशाल और बेहद गर्म ग्रहों के वातावरण और उनके व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी।