Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 22, 2026, 12:42 PM (IST)
JWST Reveals Salt Clouds on Pink Planet GJ 504b
Space Science में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए James Webb Space Telescope (JWST) ने GJ 504b नाम के एक अनोखे एक्सोप्लैनेट जैसी दुनिया के वातावरण के बारे में नई जानकारी जुटाई है। यह खगोलीय पिंड पृथ्वी से करीब 57 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है और अपने गुलाबी रंग की वजह से ‘Pink Planet’ के नाम से मशहूर है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह न तो पूरी तरह ग्रह है और न ही तारा, बल्कि दोनों के बीच की एक खास कैटेगरी का पिंड हो सकता है। सबसे खास बात यह है कि JWST ने सिर्फ दो घंटे तक इस पिंक प्लैनेट का अध्ययन करके इसके वातावरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर लीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में ऐसे दूर, ठंडे और धुंधले ग्रहों को समझने में काफी मददगार साबित होगी। और पढें: 217 प्रकाश-वर्ष दूर मिला एक अनोखा ग्रह, वैज्ञानिकों ने देखा वहां चौंकाने वाला नजारा
18 जून को The Astronomical Journal में प्रकाशित इस अध्ययन का नेतृत्व नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता Aneesh Baburaj ने किया। वैज्ञानिकों ने JWST के NIRSpec उपकरण की मदद से GJ 504b की हल्की रोशनी को उसके पास मौजूद तारे की तेज चमक से अलग किया। यह काम लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए काफी मुश्किल था। अध्ययन के दौरान ग्रह के वातावरण में Water Vapor, Carbon Dioxide, Methane और Ammonia जैसी गैसों के संकेत मिले। शुरुआत में वैज्ञानिक इन संकेतों को पूरी तरह समझ नहीं पाए, लेकिन बाद में अलग-अलग तरह के बादलों वाले मॉडल की जांच करने पर पता चला कि इस ग्रह के वातावरण में नमक से बने बादल मौजूद हो सकते हैं, जो इन संकेतों को सबसे अच्छी तरह समझाते हैं। और पढें: वैज्ञानिकों ने सुलझाया ब्रह्मांड का बड़ा रहस्य, आखिर क्यों खत्म हो गईं शुरुआती समय की बड़ी-बड़ी Galaxies?
रिसर्च के मुताबिक GJ 504b के वातावरण में मौजूद नमक के बादल अंदर की परतों से आने वाले कुछ गैसों के संकेतों को ढक देते हैं, जिससे इसका स्पेक्ट्रम अलग दिखाई देता है। इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि यह खगोलीय पिंड करीब 2.5 से 4 अरब साल पुराना हो सकता है। इसका तापमान लगभग 550 डिग्री फारेनहाइट (करीब 288 डिग्री सेल्सियस) है, जो इसे अब तक अध्ययन किए गए सबसे ठंडे एक्सोप्लैनेट जैसे पिंडों में शामिल करता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी ठंडे एक्सोप्लैनेट में नमक से बने बादलों के इतने स्पष्ट सबूत पहली बार मिले हैं। और पढें: NASA के James Webb Space Telescope ने खोजा 10 अरब प्रकाश वर्ष दूर छिपा Black Hole, वैज्ञानिक भी हैरान!
हालांकि JWST ने GJ 504b के वातावरण से जुड़े कई रहस्यों का खुलासा किया है, लेकिन यह अब भी साफ नहीं है कि यह वास्तव में एक ग्रह है या फिर ब्राउन ड्वार्फ। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसमें भारी तत्व काफी ज्यादा मात्रा में मौजूद हैं, इसलिए इसकी असली पहचान तय करना आसान नहीं है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस अध्ययन में इस्तेमाल की गई नई टेक्नोलॉजी भविष्य में ऐसे बाकी ठंडे और कम रोशनी वाले खगोलीय पिंडों को समझने में भी मदद करेगी। इससे उन दूर की दुनियाओं के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकेगी, जिन्हें आज की टेक्नोलॉजी से सीधे देख पाना बेहद मुश्किल है।