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Vikram-1: अंतरिक्ष में भारत के 'आगमन' की तैयारी पूरी, 18 जुलाई को पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट होगा लॉन्च, रहें तैयार

Aagaman mission के तहत भारत पहली बार प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1 को अंतरिक्ष में भेजने वाला है। यह प्राइवेट स्पेस सेक्टर में भारत की पहली बड़ी उड़ान होने वाली है। यहां जानें खासियत।

Published By: Manisha | Published: Jul 17, 2026, 02:41 PM (IST)

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Vikram-1: भारत में ISRO के बाद पहली बार प्राइवेट स्पेस कंपनी अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार है। जी हां, Skyroot Aerospace नाम की कंपनी अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1 की टेस्ट फ्लाइट कल 18 जुलाई को करने वाली है। इस मिशन को आगमन नाम दिया गया है। आपको बता दें, यह मिशन भारत के लिए कई आयामों में खास रहने वाला है। पहला कि यह पूरी तरह से स्वदेशी रॉकेट है। साथ ही भारत में पहली बार कोई प्राइवेट स्पेस कंपनी अंतरिक्ष में अपना ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने वाली है। इसके अलावा, यह रॉकेट पहली बार अपने साथ सोना-हीरा अंतरिक्ष में लेकर जा रहा है। आइए जानते हैं इस मिशन से जुड़ी सभी डिटेल्स। news और पढें: ISRO ने Gaganyaan मिशन की 3 जरूरी टेस्टिंग की पूरी, जानिए कैसे सुरक्षित लौटेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री

Skyroot Aerospace ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए कंफर्म किया कि मिशन आगमन के तहत Vikram-1 की पहली Test Flight कल 18 जुलाई सुबह 11:30 बजे लॉन्च की जाएगी। इस पोस्ट मे कंपनी ने रिवील किया कि यह भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च है, जो कि श्रीहरिकोटा में मौजूद सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR) के लॉन्च पैड से होने वाला है। news और पढें: दो बार फेल होने के बाद फिर उड़ान भरेगा PSLV, ISRO ने किया बड़ा ऐलान

रॉकेट का नाम Vikram-1 क्यों रखा गया?

Skyroot Aerospace ने इस रॉकेट का नाम Vikram-1 रखा है। दरअसल, कंपनी ने इस रॉकेट का नाम डॉ विक्रम साराभाई के सम्मान में दिया है, जिन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। विक्रम-1 रॉकेट की बात करें, तो यह अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स ही नहीं भेज सकता बल्कि इसके साथ कुछ खास चीजें भी अंतरिक्ष में भेजी जा रही हैं। इस रॉकेट के साथ भारत पहली बार सोने से बनी एक कलाकृति स्पेस में भेज रहा है, जिसमें भारत के महान वैज्ञानिकों सी. वी. रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की मूर्तियां बनी हुई है।

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Vikram-1 की अन्य खूबियां

Vikram-1 की अन्य खूबियों की बात करें, तो यह कार्बन कंपोजिट से बना पहला रॉकेट है, जो कि मजबूत स्टील की तुलना में काफी ज्यादा हल्का होता है। ऐसे में यह रॉकेट अपने साथ ज्यादा से ज्यादा वजनी समान स्पेस में ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा, यह रॉकेट 350 किलोग्राम के छोटे सैटेलाइट्स को Low Earth Orbit में ले जानें में सक्षम है। कंपनी का दावा है कि इस रॉकेट को कम बजट और कम समय में तैयार किया गया है।