Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 07, 2026, 10:32 AM (IST)
NASA James Webb Telescope
ब्रह्मांड की गहराइयों को समझने में जुटे वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता मिली है। NASA के शक्तिशाली James Webb Space Telescope (JWST) ने अब तक का सबसे दूर मौजूद ‘Dormant’ यानी निष्क्रिय या सोया हुआ ब्लैक होल खोजा है। यह ब्लैक होल MRG-M0138 नाम की एक आकाशगंगा के केंद्र में छिपा हुआ मिला है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह ब्लैक होल पृथ्वी से 10 अरब प्रकाश वर्ष से भी ज्यादा दूर स्थित है। खास बात यह है कि यह खोजा गया ब्लैक होल पहले मिले ऐसे ब्लैक होल्स की तुलना में करीब 15 गुना ज्यादा दूर है। इसकी अनुमानित Mass हमारे सूर्य से लगभग 6 अरब गुना ज्यादा है। वैज्ञानिक इस ब्लैक होल को उस समय का देख रहे हैं जब ब्रह्मांड की उम्र केवल 3 अरब साल थी, जबकि आज इसकी उम्र करीब 13.8 अरब साल मानी जाती है।
इस रिसर्च का नेतृत्व Carnegie Science के वैज्ञानिक Andrew Newman ने किया और इसके नतीजे प्रतिष्ठित Science जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। आमतौर पर एक्टिव ब्लैक होल अपने आसपास की गैस और धूल को निगलते समय बहुत तेज रोशनी और एनर्जी छोड़ते हैं, इसलिए उन्हें पहचानना आसान होता है, लेकिन यह ब्लैक होल पूरी तरह सोया हुआ यानी निष्क्रिय था, इसलिए इसे ढूंढना वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती थी। वैज्ञानिकों ने James Webb Space Telescope (JWST) के खास इन्फ्रारेड उपकरण की मदद से इसके आसपास मौजूद तारों की स्पीड का अध्ययन किया। इन तारों पर ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण का कितना असर पड़ रहा है, इसे देखकर उन्होंने इसके Mass का अनुमान लगाया। खास बात यह है कि यह टेक्नोलॉजी पहले केवल हमारे आसपास के ब्लैक होल्स को मापने के लिए इस्तेमाल की जाती थी, लेकिन पहली बार इतनी ज्यादा दूरी पर मौजूद किसी ब्लैक होल का वजन इसी तरीके से सफलतापूर्वक मापा गया है।
इस खोज में एक दिलचस्प कॉस्मिक घटना ने भी वैज्ञानिकों की मदद की। MRG-M0138 और पृथ्वी के बीच मौजूद एक विशाल गैलेक्सी क्लस्टर ने नेचुरल मैग्निफाइंग ग्लास की तरह काम किया। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक ‘Gravitational Lensing’ कहते हैं। इसके कारण दूर स्थित आकाशगंगा की तस्वीर लगभग 30 गुना बड़ी दिखाई दी। अगर यह नेचुरल लेंसिंग प्रभाव नहीं होता तो इतनी दूर मौजूद इस निष्क्रिय ब्लैक होल को देख पाना बेहद कठिन होता। JWST की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और इस कॉस्मिक संयोग के कारण वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के शुरुआती दौर की एक दुर्लभ झलक देखने का मौका मिला।
वैज्ञानिक कई सालों से यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आकाशगंगाएं (Galaxies) और उनके केंद्र में मौजूद विशाल ब्लैक होल साथ-साथ कैसे बढ़ते और डेवलप होते हैं। आज के ब्रह्मांड में देखा जाता है कि ब्लैक होल जितना बड़ा होता है, उसके आसपास मौजूद तारों की संख्या और फैलाव भी उससे जुड़ा होता है, लेकिन ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में भी ऐसा ही था या नहीं, इसका अब तक कोई पक्का सबूत नहीं था। इस नई खोज से पता चलता है कि यह संबंध अरबों साल पहले भी मौजूद हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि MRG-M0138 नाम की यह आकाशगंगा कभी एक बहुत चमकदार Quasar रही होगी। उस समय इसका ब्लैक होल इतनी ज्यादा एनर्जी छोड़ रहा था कि उसने आसपास की गैस को दूर धकेल दिया। गैस खत्म होने के बाद नए तारों का बनना भी लगभग रुक गया और ब्लैक होल धीरे-धीरे शांत हो गया। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में Euclid और Nancy Grace Roman जैसे नए स्पेस टेलीस्कोप ऐसी और दुर्लभ खोजें करेंगे। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि ब्रह्मांड, आकाशगंगाएं और विशाल ब्लैक होल समय के साथ कैसे बने और डेवलप हुए।
James Webb Space Telescope (JWST) ने अब तक का सबसे दूर मौजूद निष्क्रिय (Dormant) ब्लैक होल खोजा है। यह ब्लैक होल MRG-M0138 नाम की आकाशगंगा के केंद्र में स्थित है और पृथ्वी से 10 अरब प्रकाश वर्ष से भी ज्यादा दूर है।
यह अब तक खोजा गया सबसे दूर का Dormant ब्लैक होल है। यह पहले मिले ऐसे ब्लैक होल्स की तुलना में लगभग 15 गुना ज्यादा दूर है और इसका Mass हमारे सूर्य से करीब 6 अरब गुना ज्यादा है।
वैज्ञानिकों ने JWST के इन्फ्रारेड उपकरणों की मदद से ब्लैक होल के आसपास घूम रहे तारों की गति का अध्ययन किया। तारों पर पड़ रहे गुरुत्वाकर्षण प्रभाव को देखकर ब्लैक होल के Mass का अनुमान लगाया गया।
Gravitational Lensing एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बीच में मौजूद कोई विशाल गैलेक्सी क्लस्टर दूर की चीजों की रोशनी को मोड़कर उन्हें बड़ा और अधिक साफ दिखाता है। इस मामले में इस प्रभाव ने MRG-M0138 की तस्वीर को लगभग 30 गुना बड़ा दिखाया, जिससे ब्लैक होल को देखना संभव हो पाया।
यह खोज संकेत देती है कि आकाशगंगाओं और उनके केंद्र में मौजूद विशाल ब्लैक होल के बीच का संबंध ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में भी मौजूद था। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि ब्रह्मांड, आकाशगंगाएं और ब्लैक होल समय के साथ कैसे विकसित हुए।