Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 18, 2026, 04:26 PM (IST)
WION World Pulse
भारत के पूर्व वायुसेना प्रमुख Rakesh Kumar Singh Bhadauria ने आधुनिक युद्ध की बदलती तस्वीर को लेकर बड़ा बयान दिया है। Zee Media के अंग्रेजी न्यूज चैनल WION World Pulse इवेंट के दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सेना की ताकत केवल हथियारों से नहीं, बल्कि AI, साइबर सिस्टम और डेटा प्रोसेसिंग क्षमता से तय होगी। उन्होंने खासतौर पर इस बात पर जोर दिया कि भारत को सैन्य क्षेत्र में AI के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाना होगा, क्योंकि अभी इस दिशा में काफी काम बाकी है। और पढें: WION World PULSE: जियोपॉलिटिक्स की नई ताकत है टेक्नोलॉजी : नितिन पाई
Rakesh Kumar Singh Bhadauria ने कहा कि आज का युद्ध पहले जैसे नहीं रह गए हैं, बल्कि इसमें टेक्नोलॉजी का रोल सबसे ज्यादा अहम हो गया है। उन्होंने Operation Sindoor और मौजूदा वैश्विक संघर्षों का उदाहरण देते हुए बताया कि नई टेक्नोलॉजी ने युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है। उनके मुताबिक, AI सिर्फ ड्रोन या ऑटोमेटेड सिस्टम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका यूज सैन्य योजना, ऑपरेशन और निर्णय लेने में भी बड़े स्तर पर किया जाना चाहिए। उन्होंने AI को ‘Transformative Technology’ बताते हुए कहा कि यह युद्ध के नतीजों को प्रभावित करने की ताकत रखती है। और पढें: WION World Pulse: AI नहीं छीनेगा नौकरी पर... IndiaAI Mission के CEO ने कही ये बड़ी बात
इसके अलावा उन्होंने नेटवर्क और डेटा की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR), स्पेस सिस्टम और साइबर इंफॉर्मेशन नेटवर्क को AI से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डेटा की मात्रा तेजी से बढ़ेगी, इसलिए नेटवर्क की क्षमता भी उसी हिसाब से मजबूत करनी होगी। TB प्रति सेकंड के स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग को संभालने के लिए हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी। साथ ही साइबर सुरक्षा और नेटवर्क की मजबूती भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आएगी। और पढें: WION World PULSE: IndiaAI Mission के CEO अभिषेक सिंह ने कही बड़ी बात, AI क्षेत्र में तेजी से बढ़ने के बाद भी इन दो देशों से है पीछे
Rakesh Kumar Singh Bhadauria ने साफ कहा कि भविष्य में किसी देश की डिटरेंस यानी रोकने की क्षमता उसकी सैन्य, साइबर और नेटवर्क ताकत पर निर्भर करेगी। अगर ये क्षमताएं मजबूत नहीं होंगी, तो देश की सुरक्षा भी कमजोर पड़ सकती है, वहीं उन्होंने तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि अभी दुनिया उस स्थिति से काफी दूर है, हालांकि कई क्षेत्रों में तनाव जरूर बना हुआ है।