Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jan 24, 2026, 10:36 AM (IST)
Apple Siri AI
Apple reportedly अपने नए Siri चैटबोट के लिए Google के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने पर बातचीत कर रहा है। लीक रिपोर्ट के मुताबिक, Apple Siri का एक नया वर्जन लॉन्च करने की तैयारी में है, जो पहले से ज्यादा स्मार्ट और फीचर-रिच होगा। यह नया चैटबोट iOS 26.4 अपडेट के साथ आने वाले AI-Powered Siri से अलग होगा। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि Apple इस चैटबोट के लिए Google के AI Chip का भी इस्तेमाल कर सकता है। और पढें: Apple WWDC 2026: Apple Intelligence के साथ Siri AI से उठा पर्दा, iPhone, iPad, iWatch व MacOS में मिलेगा एडवांस एक्सपीरियंस
रिपोर्ट में बताया गया है कि Apple अपने ऑन-डिवाइस चिप्स और प्राइवेट क्लाउड सर्वर्स के अलावा Google Cloud जैसी बाहरी सेवाओं का भी सहारा ले सकता है, नया Siri चैटबोट यूजर्स के साथ दोतरफा बातचीत कर सकेगा, इमेज जेनरेशन करेगा, स्क्रीन पर मौजूद कंटेंट को समझ सकेगा और कुछ ऑन-डिवाइस टास्क भी पूरा कर पाएगा। इसका दिमाग एक कस्टम Gemini AI मॉडल होगा, जिसे Gemini 3 के समान परफॉर्मेंस वाला बताया गया है। और पढें: क्या WWDC 2026 में बदल जाएगी Siri? Apple दिखा सकता है अब तक का सबसे बड़ा AI अपग्रेड
Apple के इस कदम के पीछे मुख्य कारण ग्लोबल RAM की कमी बताई जा रही है, कहा जा रहा है कि कंपनी ने अपने AI डाटा सेंटर बनाने के लिए पर्याप्त मेमोरी चिप्स नहीं जुटाए हैं, इसलिए अब उसे क्लाउड पार्टनर्स पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसका मतलब यह भी है कि नया Siri Google के टेन्सर चिप्स पर काम करेगा, जो इसके डाटा सेंटर में इस्तेमाल होते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Apple अलग-अलग बाजारों में कई क्लाउड प्रोवाइडर्स के साथ पार्टनरशिप करने पर विचार कर रहा है, ताकि सरकार की पॉलिसीज के कारण किसी एक कंपनी पर अधिक निर्भर न रहना पड़े। और पढें: Apple का सबसे बड़ा सरप्राइज, Siri जल्द बनेगा फुल AI Chatbot
Apple के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Craig Federighi ने AI को लेकर थोड़ा संभल-कर चलने का फैसला किया है। इसका मतलब यह है कि Apple अभी AI फीचर्स पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च करने या बड़ी संख्या में नई भर्तियां करने के मूड में नहीं है। Apple की योजना यह है कि वह अपनी AI की कमी को दूसरी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करके पूरा करे। इसका नतीजा यह होगा कि नया Siri चैटबोट पहले से ज्यादा स्मार्ट बनेगा लेकिन उसे चलाने के लिए Apple सिर्फ अपनी टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि दुनिया भर की अलग-अलग क्लाउड और टेक्नोलॉजी कंपनियों की मदद लेगा।