Published By: Harshit Harsh | Published: May 12, 2023, 05:31 PM (IST)
केन्द्र सरकार की एजेंसी CCPA यानी सेंट्र्ल कंज्यूमप प्रोटेक्शन ऑथिरिटी ने Amazon, Flipkart समेत 5 ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ ऑर्डर जारी किए हैं। इन कंपनियों पर सीट बेल्ट अलार्म रोकने वाले क्लिप बेचने का आरोप है। ऑथिरिटी ने जांच में पाया कि कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर इस क्लिप को खुलेआम बेचा जा रहा था। गाड़ियों में ऑटोमोबाइल कंपनियां अलार्म लगाकर बेचती हैं, जो सीट बेल्ट नहीं लगाने पर बजने लगता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह का क्लिप बेचे जाना कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट 2019 का उल्लंघन माना जाएगा। और पढें: घर के किसी भी कोने में फिट हो जाएंगे Tower AC और Cooler, बजट में भी है परफेक्ट
मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर्स अफेयर्स के मुताबिक, जिन ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ ऑर्डर जारी किया गया है उनमें Amazon, Flipkart, Snapdeal, Shopclues और Meesho शामिल हैं। सड़क और परिवहन मंत्रालय ने इस मामले को कुछ दिन पहले हाईलाइट किया था। ई-कॉमर्स कंपनियों को सीट बेल्ट अलार्म स्टॉपर बेचने वाले वेंडर्स पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है। और पढें: 144Hz रिफ्रेश रेट और 7000mAh बैटरी वाला iQOO 15 5G हुआ सस्ता, 4000 रुपये तक गिरी कीमत
मंत्रालय द्वारा जारी की गई रिलीज के मुताबिक, सीट बेल्ट अलार्म रोकने वाले डिवाइस या क्विप का इस्तेमाल करने पर ग्राहकों के मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के क्लेम पर असर पड़ सकता है। ऐसा करने पर इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम देने से यह कहकर मना कर सकती है कि चालक ने अलार्म रोकने वाला क्लिप लगाया था।
एक्सीडेंट के समय सीट बेल्ट पहने रहने पर यह एयरबैग के रिस्ट्रेंट के तौर पर काम करता है ताकि सही मात्रा में कुशन मिले और गाड़ी में सवार लोगों को चोट न लगे। CCPA की रिपोर्ट के मुताबिक, 13,118 सीट बेल्ट अलार्म स्टॉपर क्लिप्स को ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर से डिलिस्ट किया जा चुका है। ई-कॉमर्स वेबसाइट्स को भी इस प्रोडक्ट को हटाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
हाल ही में अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए गलत ऑर्डर डिलीवर होने की भी कई शिकायतें मिली हैं। पिछले दिनों अमेजन से एप्पल के प्रोडक्ट्स ऑर्डर करने वाले डिलीवरी एजेंट ने ग्राहक से साथ धोखाधड़ी की थी। मामला दिल्ली से सटे गुरुग्राम का था। डिलीवरी एजेंट ने अपनी जगह अपने भाई को प्रोडक्ट डिलीवरी करने के लिए भेजा था। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले फ्लिपकार्ट से फोन ऑर्डर करने पर यूजर्स को डिटेर्जेंट मिलने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।