Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 23, 2026, 01:07 PM (IST)
भारत में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर नए नियम आने वाले हैं और इस बार सरकार का रुख पहले से थोड़ा आसान नजर आ रहा है। Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने 1 मई से लागू होने वाले ‘Light-touch’ फ्रेमवर्क की घोषणा की है। आसान भाषा में समझें तो अब हर छोटे-बड़े गेम पर सख्त नियम नहीं लगाए जाएंगे, बल्कि जरूरत के हिसाब से ही नियम लागू होंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सोशल और कैजुअल गेम्स (जैसे टाइमपास गेम्स) को अब हर बार रजिस्ट्रेशन या अलग से क्लासिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे गेम बनाने वाली कंपनियों (डेवलपर्स) को काफी राहत मिलेगी और वे आसानी से नए गेम बना सकेंगे। आइए जानते हैं… और पढें: BGMI और Free Fire जैसे गेम्स खेलने के लिए ले रहे हैं नया फोन? खरीदने से पहले ये 5 चीजें जरूर करें चेक
नए नियमों के तहत अब केवल कुछ खास मामलों में ही गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी, जैसे अगर कोई नया Online Gaming Authority किसी गेम की जांच करना चाहे या कोई प्लेटफॉर्म खुद अपने गेम को क्लासिफाई करवाना चाहे (खासकर Esports के लिए) या फिर केंद्र सरकार किसी खास कैटेगरी के गेम्स को चिन्हित करे। इसका सबसे बड़ा फायदा छोटे गेम डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को होगा, जो अब बिना ज्यादा कागजी प्रक्रिया के अपने गेम्स लॉन्च कर सकेंगे। इससे भारत में गेमिंग इनोवेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। और पढें: BGMI खेलने वालों के लिए बड़ी खबर, अब WhatsApp से होगा झटपट लॉगिन, जानें कैसे
सरकार ने एक नया Online Gaming Authority बनाने का भी फैसला किया है, जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों जैसे फाइनेंस, हेल्थ, स्पोर्ट्स और जस्टिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह अथॉरिटी गेम्स की निगरानी करेगी, रजिस्ट्रेशन और अपील से जुड़े मामलों को संभालेगी और यूजर सेफ्टी सुनिश्चित करेगी। जिन गेम्स में असली पैसे का इस्तेमाल होता है, बहुत ज्यादा यूजर्स होते हैं या जिन्हें हाई-रिस्क माना जाता है, उन्हें खासतौर पर इस अथॉरिटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ई-स्पोर्ट्स से जुड़े गेम्स भी इसी दायरे में आएंगे। और पढें: Online Gaming Act 2025: सरकार ने किया लागू, सभी ऑनलाइन मनी गेम्स पर लगाई रोक
यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए नियमों में कई जरूरी प्रावधान जोड़े गए हैं। अब गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को शिकायत दर्ज करने की सुविधा, बेहतर साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षित रखने के नियम, सुरक्षित पेमेंट सिस्टम और नियमित रिपोर्टिंग जैसी चीजें लागू करनी होंगी। भारत में ज्यादातर लोग मोबाइल पर गेम खेलते हैं, इसलिए ये बदलाव सीधे तौर पर Android और iPhone यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाएंगे।
1 मई से नए नियम लागू होंगे, जिनमें सख्त नियमों की जगह ‘Light-Touch’ तरीका अपनाया गया है, यानी अब हर गेम पर एक जैसे नियम नहीं होंगे, बल्कि जरूरत के हिसाब से कंट्रोल होगा।
नहीं, अब सिर्फ कुछ खास गेम्स को ही रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी, जैसे रियल मनी वाले गेम्स, हाई-रिस्क गेम्स या जिनकी जांच जरूरी समझी जाए।
छोटे डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को कम कागजी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। वे बिना ज्यादा परेशानी के नए गेम बना और लॉन्च कर पाएंगे।
जिन गेम्स में असली पैसे का इस्तेमाल होता है, ज्यादा यूजर्स होते हैं या जिन्हें रिस्की माना जाता है, उन पर खास निगरानी रखी जाएगी।
हां, नए नियमों में शिकायत सिस्टम, डेटा सुरक्षा, सुरक्षित पेमेंट और साइबर सिक्योरिटी जैसे फीचर्स शामिल हैं, जिससे यूजर्स का एक्सपीरियंस और सुरक्षा बेहतर होगी।