Written By Harshit Harsh
Edited By: Harshit Harsh | Published By: Harshit Harsh | Published: Dec 05, 2023, 05:21 PM (IST)
Instagram और Facebook के बीच क्रॉस मैसेजिंग सर्विस 15 दिसंबर से बंद होने जा रही है। Meta के इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच यूजर्स मैसेज और कॉल कर सकते हैं। इस सर्विस को Meta ने बंद करने का फैसला लिया है। इसके लिए इन दोनों प्लेटफॉर्म के हेल्प सेंटर में जानकारी शेयर की गई है। 21 नवंबर को मेटा ने इन दोनों प्लेटफॉर्म के हेल्प सेंटर के जरिए यूजर्स को नोटिस जारी किया है। क्रॉस मैसेजिंग सुविधा बंद होने के बाद इन दोनों प्लेटफॉर्म के यूजर्स एक-दूसरे को क्रॉस मैसेजिंग चैट्स और कॉल्स नहीं कर पाएंगे। साथ ही, पुराने कन्वर्सेशन को केवल पढ़ पाएंगे यानी वे रीड-ओनली मोड में चले जाएंगे। और पढें: Instagram में आया नया फीचर, Carousel पोस्ट में जोड़ सकेंगे अपनी पसंद का गाना
Meta ने इस क्रॉस मैसेजिंग फीचर को कुछ साल पहले ही शुरू किया था। इस फीचर के जरिए यूजर्स इंस्टाग्राम डायरेक्ट मैसेज का इस्तेमाल फेसबुक मैसेंजर में कन्वर्सेशन के लिए कर सकते थे या फिर मैसेंजर के जरिए इंस्टाग्राम DM किया जा सकता था। Meta के प्रवक्ता Alex Dziedzan ने कंफर्म किया है कि मिड दिसंबर से इस फीचर को बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, यूजर्स इन दोनों प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद अपने कॉन्टैक्ट्स में कॉल और मैसेज कर सकेंगे। यानी फेसबुक मैसेंजर से फेसबुक यूजर्स को और इंस्टाग्राम से इंस्टाग्राम यूजर को ही मैसेज या कॉल किया जा सकेगा। और पढें: Year Ender 2025: Message Scheduling से लेकर Instagram Map तक, इस साल लॉन्च हुए धाकड़ फीचर्स
इंस्टाग्राम और फेसबुक मैसेंजर के बीच यह क्रॉस मैसेजिंग फीचर 2020 में आया था। इस फीचर के रोल आउट होने के बाद इंस्टाग्राम DM में भी फेसबुक मैसेंजर वाले कई फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनमें वेनिसिंग मैसेज और सेल्फी स्टीकर आदि शामिल हैं। और पढें: Instagram में हुआ बड़ा बदलाव, अब Post और Reels पर लगा सकते हैं बस इतने Hashtags
ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि Meta ने यूरोपियन कमीशन द्वारा मैसेंजर को रेगुलेट करने वाले फैसले की वजह से इन दोनों प्लेटफॉर्म्स को एक-दूसरे से अलग करने का डिसीजन लिया है। मेटा चाहता है कि फेसबुक मैसेंजर को कंपनी के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे कि WhatsApp और Instagram से अलग रखा जाए और एक स्टैंडअलोन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर प्रमोट किया जाए। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी के इन तीनों मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को यूरोप के अलावा भारत समेत कई और देशों में भी रेगुलेट करने की बात कही जा रही है।