Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 31, 2026, 11:20 AM (IST)
WhatsApp Group Feature
ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आजकल स्कैमर्स खुद को बैंक अधिकारी, डिलीवरी एजेंट, सरकारी कर्मचारी या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से OTP, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे खतरों से बचाने के लिए WhatsApp ने अपने प्लेटफॉर्म पर कई नए सुरक्षा फीचर्स जोड़े हैं। ये फीचर्स यूजर्स को संदिग्ध कॉल, मैसेज और अकाउंट हैकिंग की कोशिशों के बारे में सतर्क करते हैं। WhatsApp का उद्देश्य लोगों को अधिक सुरक्षित और जागरूक बनाना है, ताकि वे ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बच सकें और अपने अकाउंट की सुरक्षा मजबूत रख सकें। और पढें: WhatsApp की सीक्रेट ट्रिक, ऐसे छिपाएं Locked Chats
WhatsApp का Silence Unknown Callers फीचर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को साइलेंट कर देता है। इससे फोन बार-बार नहीं बजेगा और स्पैम या फ्रॉड कॉल्स से होने वाली परेशानी कम होगी, हालांकि ऐसी कॉल्स कॉल हिस्ट्री और नोटिफिकेशन में दिखाई देती रहेंगी, ताकि आप बाद में देख सकें कि किसने कॉल किया था। और पढें: क्या आप भी WhatsApp पर Forward करते हैं मैसेज? पहले जान लें ये जरूरी नियम
Two-Step Verification ऑन करने पर WhatsApp अकाउंट को रीसेट या वेरिफाई करते समय 6 अंकों का PIN भी मांगा जाता है। इसका मतलब है कि अगर किसी के पास आपका वेरिफिकेशन कोड पहुंच भी जाए, तब भी वह बिना PIN के अकाउंट एक्सेस नहीं कर पाएगा। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इसे अकाउंट को हैकिंग और फ्रॉड से बचाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक मानते हैं।
कई साइबर ठग वीडियो कॉल के दौरान लोगों को स्क्रीन शेयर करने के लिए मना लेते हैं और फिर बैंकिंग डिटेल्स, OTP या बाकी संवेदनशील जानकारी देख लेते हैं। WhatsApp अब अनजान लोगों के साथ स्क्रीन शेयर करने पर चेतावनी दिखाता है। यह छोटा-सा अलर्ट आपको सोचने का मौका देता है और गलती से निजी जानकारी शेयर होने से बचा सकता है।
जब किसी अनजान नंबर से मैसेज आता है, तो WhatsApp अब Context Cards दिखाता है। इसमें पता चलता है कि वह व्यक्ति आपके कॉन्टैक्ट्स में है या नहीं, क्या आप दोनों किसी कॉमन ग्रुप में हैं, नंबर किस देश का है और अकाउंट कितना नया है। यह जानकारी देखकर आप आसानी से तय कर सकते हैं कि जवाब देना है, ब्लॉक करना है या रिपोर्ट करना है।
स्कैमर्स कई बार किसी दूसरे डिवाइस पर आपका WhatsApp अकाउंट लिंक करने की कोशिश करते हैं। अब WhatsApp ऐसे हर प्रयास पर तुरंत अलर्ट भेजता है और यह भी बताता है कि रिक्वेस्ट कहां से आई है। अगर कोई संदिग्ध एक्टिविटी दिखे, तो आप उसी समय रिक्वेस्ट को रद्द कर सकते हैं और अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं।