Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 06, 2026, 01:13 PM (IST)
Dark Web
आज के दौर में इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसी दुनिया का एक ऐसा हिस्सा भी है जो आम लोगों की नजर से दूर है, इसे ‘Dark Web’ कहा जाता है। यह इंटरनेट का वह छिपा हुआ कोना है, जहां पहुंचने के लिए सामान्य ब्राउजर जैसे Chrome या Safari काम नहीं करते। इसके लिए खास टूल्स जैसे Tor ब्राउजर की जरूरत होती है, जो यूजर की पहचान और लोकेशन को छिपा देता है, हालांकि कुछ लोग इसका इस्तेमाल प्राइवेसी के लिए करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि डार्क वेब पर बड़ी मात्रा में गैरकानूनी एक्टिविटी भी चलती हैं, जो इसे खतरनाक बनाती हैं। और पढें: AI का खतरनाक खेल आया सामने, बिना कॉल और OTP के हुआ Aadhaar फ्रॉड
Dark Web की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां सब कुछ गुप्त और एन्क्रिप्टेड होता है। इसका फायदा उठाकर अपराधी खुलेआम गैरकानूनी काम करते हैं। यहां अवैध मार्केटप्लेस मौजूद हैं, जहां ड्रग्स, हथियार और चोरी किया गया डेटा बेचा जाता है। यहां पहचान छिपी रहती है, इसलिए अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि पुलिस और साइबर एजेंसियों के लिए इन एक्टिविटी पर नियंत्रण पाना चुनौतीपूर्ण बन जाता है। आम यूजर भले ही सीधे इसमें शामिल न हो, लेकिन इसका असर उसकी जिंदगी पर जरूर पड़ सकता है। और पढें: क्या आप भी हर टाइम अपने फोन का Wi-Fi रखते हैं ऑन? आज से ही ये आदत छोड़ दें नहीं तो हो सकता है खतरा
Dark Web पर ऐसे कई गुप्त मार्केट होते हैं जहां लोग ड्रग्स, हथियार और चोरी किया हुआ डेटा खरीदते-बेचते हैं। ये सब काम बिना पहचान बताए (anonymous) होता है, इसलिए पुलिस के लिए असली अपराधी तक पहुँचना मुश्किल हो जाता है। आम लोगों के लिए खतरा ये है कि ऐसे गैर-कानूनी काम समाज में अपराध को बढ़ाते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से सभी को नुकसान पहुँचाते हैं। और पढें: Public Wi-Fi यूज करते वक्त भूलकर भी न करें ये काम, बस 5 मिनट में हैक हो सकता है आपका फोन या लैपटॉप
Dark Web पर सिर्फ सामान ही नहीं, बल्कि अपराध करने की सेवाएं भी मिलती हैं, जैसे किसी का ईमेल हैक करना, वेबसाइट पर हमला करना या ऑनलाइन स्कैम चलाना। Bitcoin जैसी डिजिटल करेंसी की वजह से पेमेंट करना आसान और ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इससे अपराध और तेजी से बढ़ते हैं, जिसका असर आम इंटरनेट यूजर्स पर भी पड़ता है।
Dark Web पर अगर कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हो जाए, तो उसके पास शिकायत करने का कोई सुरक्षित तरीका नहीं होता, क्योंकि खुद वह भी गैर-कानूनी चीज में शामिल होता है। इसका मतलब है कि वहां कोई सुरक्षा या कानून की मदद नहीं मिलती, जिससे लोगों का पैसा और डेटा दोनों खतरे में रहते हैं।
अगर किसी का पर्सनल डेटा जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड लीक हो जाता है, तो वह Dark Web पर बिक सकता है। ठग लोग इस डेटा का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं या किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर भारत के कुछ बड़े मामलों की बात करें, तो डार्क वेब की भूमिका साफ नजर आती है। 2022 में AIIMS दिल्ली पर हुए साइबर अटैक के बाद मरीजों का डेटा चोरी हुआ, जो बाद में डार्क वेब पर पहुंच गया। इसी तरह कई बार आधार और बैंकिंग डेटा लीक होने की खबरें सामने आती रहती हैं। पुलिस ने कई ऐसे गैंग भी पकड़े हैं, जो डार्क वेब के जरिए क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराकर फ्रॉड करते थे। इतना ही नहीं, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में ड्रग्स की तस्करी के मामलों में भी डार्क वेब का इस्तेमाल सामने आया है, जहां ऑर्डर ऑनलाइन दिए जाते थे और डिलीवरी सामान्य कूरियर से होती थी।
Dark Web इंटरनेट का एक ऐसा हिस्सा है, जिसे आम लोग सीधे इस्तेमाल नहीं करते। इसे एक्सेस करने के लिए खास सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है, सिर्फ Dark Web का इस्तेमाल करना गलत या गैरकानूनी नहीं है, लेकिन समस्या यह है कि Dark Web पर बहुत सारी गैरकानूनी एक्टिविटी होती हैं, जैसे डेटा चोरी, हैकिंग, फर्जी सामान की खरीद-बिक्री और धोखाधड़ी।
Dark Web इंटरनेट का छिपा हुआ हिस्सा होता है, जहां सामान्य ब्राउजर से नहीं जाया जा सकता। यहां जाने के लिए खास सॉफ्टवेयर (जैसे Tor Browser) की जरूरत होती है और यहां लोग अपनी पहचान छिपाकर काम करते हैं।
सिर्फ Dark Web इस्तेमाल करना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन वहां होने वाली कई चीजें जैसे हैकिंग, डेटा चोरी और गैरकानूनी खरीद-बिक्री कानून के खिलाफ होती हैं।
क्योंकि यहां चोरी किया हुआ डेटा बेचा जाता है। अगर आपका पर्सनल डेटा लीक हो जाए, तो उसका इस्तेमाल करके आपके बैंक अकाउंट या पहचान का गलत यूज किया जा सकता है।
भारत में कई मामलों में आधार डेटा, बैंक डिटेल्स और अस्पतालों का डेटा लीक होकर Dark Web पर बिकने की खबरें सामने आई हैं।
हमेशा मजबूत पासवर्ड रखें, किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP या बैंक डिटेल किसी से शेयर न करें और अपने अकाउंट की एक्टिविटी पर नजर रखें।