Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 06, 2026, 12:10 PM (IST)
NASA के ऐतिहासिक Artemis II Mission के लिए Astronauts अपने साथ iPhone 17 Pro Max लेकर अंतरिक्ष में गए है। यह पहली बार है जब NASA ने किसी क्रू मिशन में स्मार्टफोन ले जाने की अनुमति दी है, खास बात यह है कि ये कोई खास स्पेस डिवाइस नहीं बल्कि आम लोगों के लिए बाजार में मिलने वाला वही iPhone है, हालांकि इसके इस्तेमाल पर सख्त नियम लगाए गए हैं और इसे पूरी तरह से टेस्ट करने के बाद ही मंजूरी दी गई है। इस फैसले ने दुनियाभर में लोगों का ध्यान खींचा है। और पढें: मंगल ग्रह के नीचे छिपा है बड़ा राज, क्या अब रोबोट खोलेंगे नया रहस्य?
NASA ने iPhone को मिशन में शामिल करने से पहले लंबी और सख्त जांच प्रक्रिया अपनाई। सबसे पहले इसे सुरक्षा विशेषज्ञों की टीम के सामने पेश किया गया, जहां इसके संभावित खतरों का विश्लेषण किया गया। इसमें स्क्रीन टूटने, छोटे पार्ट्स के अलग होने और बैटरी से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखा गया। अंतरिक्ष में जीरो ग्रेविटी होने की वजह से कोई भी छोटा टुकड़ा हवा में तैर सकता है, जो उपकरणों या अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खतरा बन सकता है। इन सभी जोखिमों के समाधान के लिए NASA ने अलग-अलग सुरक्षा उपाय तैयार किए और हर स्थिति में फोन की स्थिरता को परखा। यहां तक कि छोटी सी दरार जैसी समस्या को भी गंभीरता से लिया गया, ताकि मिशन के दौरान कोई खतरा न हो। और पढें: अब चांद पर बनेगा इंसानों का बेस, NASA का बड़ा ऐलान
Apple द्वारा बनाए गए iPhone 17 Pro Max में Ceramic Shield ग्लास दिया गया है, जो इसे काफी मजबूत बनाता है, फिर भी NASA ने सिर्फ मजबूती ही नहीं, बल्कि फोन के Temperature Control और Battery की जांच की। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया गया कि फोन का इस्तेमाल अंतरिक्ष यान के बाकी सिस्टम्स पर कोई असर न डाले। सुरक्षा के लिए iPhone के Wi-Fi, Bluetooth और Cellular जैसे सभी कनेक्शन बंद रखे जाएंगे। इसका इस्तेमाल केवल फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए किया जाएगा, ताकि मिशन के खास पलों को सुरक्षित रखा जा सके। और पढें: मंगल से आई चौंकाने वाली तस्वीर, तीन पत्थरों ने वैज्ञानिकों का खींचा ध्यान
इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री अपने iPhone का यूज रोजमर्रा की एक्टिविटी को रिकॉर्ड करने और अंतरिक्ष के अनोखे अनुभव को कैद करने के लिए करेंगे, कुछ फोन को Velcro की मदद से यान के अंदर फिक्स किया गया है, जबकि कुछ को स्पेससूट में लगाया गया है।