Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 24, 2026, 10:37 AM (IST)
NASA’s Perseverance Rover captured an unusual rock formation on the surface of Mars. (Image credit: NASA/JPL-Caltech/ASU)
अंतरिक्ष की दुनिया में एक बार फिर ऐसा नजारा सामने आया है जिसने वैज्ञानिकों के साथ-साथ आम लोगों को भी चौंका दिया है। NASA के मशहूर Perseverance Rover ने मंगल ग्रह पर एक अजीब चट्टान की तस्वीर भेजी है। यह चट्टान ऐसी दिखती है जैसे तीन पत्थरों को एक-दूसरे के ऊपर बहुत ही सही तरीके से रखा गया हो। यह तस्वीर 13 मई 2026 को मिशन के Sol 1859 के दौरान ली गई थी। तस्वीर को देखकर पहली नजर में ऐसा लगता है जैसे किसी ने जानबूझकर पत्थरों को सजाकर रखा हो। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर यह फोटो तेजी से वायरल हो गई। कुछ लोग इसे एलियंस से जोड़कर देख रहे हैं, तो कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह पत्थर इस तरह कैसे बने। और पढें: मंगल ग्रह पर 6 दिनों तक फंसा रहा NASA का Curiosity Rover, जानें कैसे निकला बाहर
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोई रहस्यमयी चीज नहीं है, बल्कि मंगल ग्रह पर होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया का असर हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये पत्थर पहले एक बड़ी चट्टान का हिस्सा रहे होंगे, जो समय के साथ टूटकर अलग-अलग परतों जैसे दिखने लगे। वैज्ञानिक मानते हैं कि मंगल पर करोड़ों सालों तक चलने वाली तेज हवाओं और कभी वहां बहने वाले पानी ने चट्टानों को इस तरह का आकार दिया होगा। आज मंगल ग्रह सूखा और सुनसान नजर आता है, लेकिन कई रिसर्च बताती हैं कि बहुत पहले वहां नदियां, झीलें और शायद बारिश भी हुआ करती थी। NASA के दूसरे मिशनों से भी ऐसे संकेत मिले हैं कि एक समय मंगल का मौसम काफी हद तक पृथ्वी जैसा रहा होगा, लगातार हवाओं और मौसम के असर से वहां की चट्टानें धीरे-धीरे कटती और बदलती रहीं, जिससे ऐसे अजीब और रहस्यमयी आकार बन गए।
यह पहली बार नहीं है जब Perseverance Rover ने मंगल ग्रह पर कोई अजीब चीज देखी हो। पिछले कुछ सालों में रोवर ने कई ऐसी तस्वीरें भेजी हैं जिन्हें देखकर लोग हैरान रह गए। कभी पत्थरों पर तेंदुए जैसे धब्बे दिखाई दिए, तो कभी धागों की तरह उलझी हुई आकृतियां और पॉपकॉर्न जैसी चट्टानें नजर आईं। शुरुआत में लोगों को ये चीजें बहुत रहस्यमयी लगीं, लेकिन बाद में वैज्ञानिकों ने बताया कि ये सब मंगल ग्रह की प्राकृतिक बनावट और वहां के मौसम की वजह से बने आकार हैं। मंगल ग्रह हमेशा से लोगों के लिए रहस्य और जिज्ञासा का विषय रहा है। साल 1976 में NASA के Viking मिशन ने भी एक ऐसी तस्वीर ली थी जिसमें पहाड़ का आकार इंसानी चेहरे जैसा दिख रहा था। उस समय लोगों ने इसे लेकर कई कहानियां बना ली थीं, लेकिन बाद में वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया कि वह सिर्फ रोशनी और छाया का असर था।
वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगल ग्रह पर दिखने वाली ऐसी अनोखी चीजें हमें वहां के पुराने समय और मौसम के बारे में समझने में मदद करती हैं। हर नई तस्वीर से यह पता चलता है कि मंगल सिर्फ सूखा और वीरान ग्रह नहीं था। Perseverance Rover लगातार मंगल पर नई-नई खोज कर रहा है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह रोवर ऐसे और बड़े राज खोल सकता है, जिनसे पता चल सके कि मंगल पर कभी जीवन के निशान मौजूद थे या नहीं।
वैज्ञानिकों के मुताबिक यह कोई Artificial Structure नहीं है। माना जा रहा है कि ये पत्थर पहले एक बड़ी चट्टान का हिस्सा थे, जो समय के साथ टूटकर इस अनोखे आकार में बदल गए।
फिलहाल NASA और वैज्ञानिकों ने ऐसा कोई सबूत नहीं पाया है जो इन्हें एलियंस से जोड़ता हो। वैज्ञानिक इसे मंगल की प्राकृतिक भूगर्भीय प्रक्रिया का परिणाम मान रहे हैं।
यह तस्वीर Perseverance Rover ने 13 मई 2026 को अपने मिशन के Sol 1859 के दौरान ली थी।
इससे पहले भी मंगल पर तेंदुए जैसे धब्बे, पॉपकॉर्न जैसी चट्टानें और इंसानी चेहरे जैसी आकृतियां दिखाई दे चुकी हैं।
ऐसी तस्वीरों से वैज्ञानिक मंगल ग्रह के पुराने मौसम, वहां बहने वाले पानी और संभावित जीवन के संकेतों को समझने की कोशिश करते हैं। इससे भविष्य की रिसर्च को भी मदद मिलती है।