Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 26, 2026, 11:21 AM (IST)
NASA Moon Base
NASA अब चांद पर इंसानों की स्थायी बस्ती बसाने की तैयारी कर रहा है। एजेंसी जल्द ही अपने बड़े Moon Base प्रोजेक्ट से जुड़ी नई जानकारी शेयर करेगी। यह मिशन NASA के Artemis Program का हिस्सा है, जिसका मकसद इंसानों को फिर से चांद पर भेजना और आगे चलकर मंगल ग्रह तक पहुंचना है। वॉशिंगटन में होने वाली इस खास ब्रीफिंग में NASA के अधिकारी जारेड आइजैकमैन, लोरी ग्लेज और कार्लोस गार्सिया-गालन शामिल होंगे। NASA का कहना है कि चांद पर बनने वाला यह बेस भविष्य के Mars Mission के लिए बहुत जरूरी साबित हो सकता है। इस दौरान एजेंसी आने वाले Artemis मिशनों, नई अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी और प्राइवेट कंपनियों के साथ पार्टनरशिप को लेकर भी बड़े ऐलान कर सकती है। और पढें: मंगल से आई चौंकाने वाली तस्वीर, तीन पत्थरों ने वैज्ञानिकों का खींचा ध्यान
NASA ने पहली बार 24 मार्च को अपने ‘Ignition’ इवेंट में Moon Base की योजना का खुलासा किया था। एजेंसी चंद्रमा के South Pole यानी दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में स्थायी बेस बनाना चाहती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां मौजूद गहरे और हमेशा अंधेरे में रहने वाले क्रेटर्स में बड़ी मात्रा में Water Ice यानी बर्फ मौजूद हो सकती है। यही वजह है कि NASA इस क्षेत्र को भविष्य के मानव मिशनों के लिए सबसे परफेक्ट मान रहा है। यह बर्फ अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऑक्सीजन और रॉकेट फ्यूल बनाने में भी मदद कर सकती है। अगर यह योजना सफल होती है, तो इंसान लंबे समय तक चांद पर रह सकेंगे और वहां से गहरे अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करना भी आसान हो जाएगा। और पढें: 2023 में Chandrayaan-3 मिशन के Vikram Lander ने लगाया था छोटा Jump, अब ISRO को मिली ये बड़ी सफलता
NASA ने Moon Base प्रोजेक्ट को तीन बड़े चरणों में बांटा है। और पढें: क्या चांद पर नहीं उतरेगा NASA का Artemis III? Mission के नए प्लान हुआ खुलासा
इस घोषणा से पहले NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो पिछले 50 वर्षों में पहला Crewed Moon Mission था। इसके बाद एजेंसी ने Artemis III मिशन में भी बदलाव किए हैं। अब इसे Low-Earth Orbit Demonstration Mission के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसमें SpaceX और Blue Origin द्वारा बनाए गए Lunar Landers की Docking और Rendezvous टेक्नोलॉजी का परीक्षण होगा। इसके अलावा NASA SR-1 Freedom नाम का Nuclear-Powered Spacecraft भी डेवलप कर रहा है, जो भविष्य में Deep Space Travel के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एजेंसी मंगल ग्रह के संभावित Landing Zones की जांच के लिए Robotic Helicopters पर भी काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Moon Base योजना सफल होती है, तो यह मानव इतिहास में अंतरिक्ष खोज का सबसे बड़ा अध्याय साबित हो सकता है।
NASA भविष्य में Mars Mission और Deep Space Travel को आसान बनाने के लिए चांद पर स्थायी बेस बनाना चाहता है। इससे Astronauts लंबे समय तक चांद पर रह सकेंगे और अंतरिक्ष मिशनों की तैयारी कर पाएंगे।
NASA चंद्रमा के South Pole यानी दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में Moon Base बनाना चाहता है क्योंकि वहां Water Ice मिलने की संभावना सबसे ज्यादा है।
इस बर्फ से पीने का पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट फ्यूल बनाया जा सकता है। इससे इंसानों के लिए लंबे समय तक चांद पर रहना आसान हो जाएगा।