Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Jan 01, 2024, 10:35 AM (IST)
ISRO XPoSat: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी इसरो ने नए साल के पहले मिशन की शुरुआत कर दी है। इसके तहत एक्स-रे पोलेरिमीटर एक्सपोसैट को आज रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) सी 58 के जरिए लॉन्च किया गया है। इसके माध्यम से ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स पर रिसर्च की जाएगी। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले साल 2023 में इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन को सफलता पूर्वक पूरा किया था। इसके साथ ही सूर्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आदित्य-एल1 को लॉन्च किया था। और पढें: दो बार फेल होने के बाद फिर उड़ान भरेगा PSLV, ISRO ने किया बड़ा ऐलान
इसरो के मुताबिक, एक्सपोसेट सैटेलाइट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया है। इसकी लॉन्चिंग के साथ अब भारत दुनिया का दूसरा देश बन गया है, जो ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स पर विशेष स्टडी करेगा। वहीं, एक्सपोसैट एक तरह का रिसर्च ऑब्जर्वेट्री है, जो अंतरिक्ष से ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स से संबंधित जानकारी कलेक्ट करेगा। और पढें: 2023 में Chandrayaan-3 मिशन के Vikram Lander ने लगाया था छोटा Jump, अब ISRO को मिली ये बड़ी सफलता
PSLV-C58/XPoSat Mission:
Lift-off normal 🙂और पढें: सूरज की वजह से धरती पर गिर रहे पुराने सैटेलाइट! ISRO ने किया बड़ा खुलासा
🛰️XPoSat satellite is launched successfully.
🚀PSLV-C58 vehicle placed the satellite precisely into the intended orbit of 650 km with 6-degree inclination🎯.
The POEM-3 is being scripted …#XPoSat
— ISRO (@isro) January 1, 2024
नीचे उन सैटेलाइट की लिस्ट दी गई है, जो पृथ्वी की निछली सतह में शामिल होंगी।
1. रेडिएशन शील्डिंग एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल
2. बिलीफसैट
3. ग्रीन इम्पल्स ट्रांसमीटर
4. लॉन्चिंग एक्सपीडिशंस फॉर एस्पायरिंग टेक्नोलॉजीस टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर
5. रुद्र 0.3 एचपीजीपी और आर्का 200
6. डस्ट एक्सपेरिमेंट
7. फ्यूल सेल पावर सिस्टम और सिलिकॉन आधारित उच्च ऊर्जा सेल
ऊपर बताई गई सभी सैटेलाइट ब्लैक होल के बारे में जानकारी कलेक्ट करने में एक्सपोसैट की मदद करेंगी। बता दें कि इसरो चीफ एस सोमनाथ इस मिशन पर नजर बनाए हुए हैं।
डॉ. वरुण भालेराव के अनुसार, ब्लैक होल एक ऐसा ऑब्जेक्ट है, जिसका गुरुत्वाकर्षण बल सबसे ज्यादा है। इसे अंतरिक्ष में सबसे खतरनाक माना गया है। भारत से पहले अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने साल 2021 में IXPE नाम से मिशन का आगाज किया था और इसके तहत ब्लैक होल पर रिसर्च की थी।