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ISRO का बड़ा कदम, जल्द आम नागरिक भी कर पाएंगे अंतरिक्ष की यात्रा

ISRO भविष्य में आम लोगों को अंतरिक्ष में भेजने वाला है। एजेंसी ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए नागरिकों को कठिक चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा और लंबी ट्रेनिंग करनी होगी।

Published By: Ajay Verma | Published: Apr 28, 2026, 10:12 AM (IST)

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ISRO (Indian Space Research Organization) ने भारत को स्पेस और साइंस के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। इसके तहत Gaganyaan Mission के जरिए भविष्य में आम नागरिकों को भी अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। पहले चरण की सफलता के बाद दूसरे चरण में सिविलियन एस्ट्रोनॉट्स के चयन की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जा सकता है। इसके लिए उम्मीदवारों को कठिन चयन प्रक्रिया और 4 वर्ष की ट्रेनिंग से गुजरना होगा। news और पढें: दो बार फेल होने के बाद फिर उड़ान भरेगा PSLV, ISRO ने किया बड़ा ऐलान

अंतरिक्ष में जाना होगा संभव

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसरो की एस्ट्रोनॉट सिलेक्शन कमेटी ने सिविलियन्स को स्पेस मिशन से जोड़ने की सिफारिश की है। इस योजना से भविष्य में लोग अंतरिक्ष की यात्रा कर सकेंगे। एस्ट्रोनॉट कॉर्प्स खुलने से सिर्फ फाइटर पायलट नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी स्पेस में जाने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि इस योजना से भारत स्पेस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा और नई ऊंचाइयों को भी छुएगा। news और पढें: 2023 में Chandrayaan-3 मिशन के Vikram Lander ने लगाया था छोटा Jump, अब ISRO को मिली ये बड़ी सफलता

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भारत के पहले मानव मिशन गगनयान की सफलता के बाद अब नागरिकों को इस खास प्रोग्राम में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पहले चरण में वायुसेना के पायलट को चुना गया है। दूसरे चरण में आम नागरिकों को चुना जाएगा। हालांकि, चुने गए उम्मीदवार को टफ ट्रेनिंग से गुजरना होगा।

साइंस और टेक बैकग्राउंड वाले लोगों को मिलेगा मौका

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि दूसरे चरण में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स बैकग्राउंड वाले लोगों को चुना जाएगा। इनके साथ छह पायलट भी होंगे, जो वायुसेना से होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फील्ड से आने वाले लोगों के बीच तालमेल बेहतर होगा और संतुलन बना रहेगा। इस कदम से मिशन के सफल होने की संभावना 100 प्रतिशत हो जाएगी।

योग्यता

अंतरिक्ष मिशन के लिए उम्मीदवारों के पास विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि होना जरूरी है। इसके साथ ही शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और कठिन परिस्थितियों में कार्य करना आना अनिवार्य है।

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भविष्य की तैयारी

रिपोर्ट्स की मानें, तो भारत स्पेस स्टेशन खोलने की तैयारी अभी से कर रहा है, जहां से अंतरिक्ष में रहकर रिसर्च की जा सकेगी। इसके लिए काफी संख्या में एस्ट्रोनॉट्स की जरूरत पड़ेगी, जिसमें सिविलियन्स को जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे भारत को दुनिया में अलग पहचान मिलेगी और नागरिकों का भी विकास होगा।