Published By: Mona Dixit | Published: Jul 14, 2023, 08:45 AM (IST)
भारत के बाद अब Unified Payments Interface (UPI) का जलवा फ्रांस में भी देखने को मिलेगा। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की है कि भारत और फ्रांस UPI पेमेंट सिस्टम का यूज करने पर सहमत हो गए हैं। इसकी शुरुआत एफिल टॉवर से होगी। इसका मतलब है कि जल्द लोग फ्रांस में भी UPI के जरिए ऑलाइन पेमेंट कर पाएंगे। इसके बारे में डिटेल में जानने के लिए नीचे पढ़ें। और पढें: Bharat Taxi में Paytm से झटपट UPI पेमेंट शुरू, Uber-Ola को मिलेगी कड़ी टक्कर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस में UPI की जल्द शुरुआत होने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस की इस यूरोपीय देश में UPI का यूज करने पर सहमति बनी है। इससे भारतीय नवाचार के लिए एक बड़ा नया बाजार खुल जाएगा। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत का मोबाइल-बेस्ड पेमेंट सिस्टम है और लोगों को ग्राहक द्वारा बनाए गए वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के जरिए चौबीसों घंटे पेमेंट करने की सुविधा मिलती है। और पढें: अब PF के पैसा मिलेगा तुरंत, EPFO लाएगा UPI से जरिए Withdrawal की सुविधा
बता दें कि पेरिस में ला सीन म्यूजिकल में भारतीय कम्युनिटी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि बहुत जल्द भारतीय पर्यटक एफिल टॉवर के ऊपर से UPI का यूज करके पेमेंट कर सकेंगे। प्रधान मंत्री ने कहा कि फ्रांस में भारत के UPI का यूज करने के लिए दोनों देशों के बीच एक डील की गई है। इसकी शुरुआत एफिल टॉवर से की जाएगी और अब भारतीय पर्यटक एफिल टॉवर में UPI के जरिए रुपये का पेमेंट कर सकेंगे। और पढें: भारत सरकार ने उठाया सख्त कदम, इस फेमस App पर लगाया बैन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2022 में UPI सर्विस देने वाली प्रमुख संस्था नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने फ्रांस की अपने तेज और सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम Lyra के साथ एक डील पर हस्ताक्षर किए थे।
हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री बोर्न ने मोदी का उनके देश में स्वागत किया। हवाईअड्डे पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इस साल की शुरुआत में भारत के UPI और सिंगापुर के PayNow ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के यूजर्स के लिए निर्बाध, रियल टाइम और सुरक्षित सीमा पार लेनदेन का रास्ता साफ हुआ। NPCI, UPI का विस्तार करने के लिए अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया के अन्य देशों के साथ भी बातचीत कर रहा है।