Written By Swati Jha
Published By: Swati Jha | Published: Feb 02, 2023, 06:57 PM (IST)
OpenAI ChatGPT को लेकर चल रहे क्रेज का फायदा उठाना चाहता है। कंपनी ने ऑरिजनल कंटेंट जनरेट करने और इंसानों-जैसी बातचीत में शामिल होने लायक चैटबॉट के लिए नई पेड सब्सक्रिप्शन प्लान की अनाउंसमेंट की है। ChatGPT Plus सब्सक्रिप्शन प्लान में कई एक्स्ट्रा कैपेसिटीज और फीचर्स हैं। और पढें: ChatGPT से अब AI इमेज बनाने के लिए नहीं करना होगा इंतजार, OpenAI ने किया बड़ा अपडेट
ChatGPT Plus अपने फ्री वर्जन पर कस्टमर्स को कई बेनिफिट्स ऑफर करता है। हालांकि, कंपनी ने पुष्टि की कि पेड सब्सक्रिप्शन प्लान के आने से फ्री वर्जन खत्म नहीं होगा। और पढें: OpenAI का बड़ा प्लान, ChatGPT को सिर्फ चैटबॉट नहीं बल्कि बनाया जाएगा पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम
फिलहाल केवल अमेरिका में कस्टमर्स के पास ChatGPT Plus का एक्सेस है। यह कई बेनिफिट्स के साथ आता है, जिसमें हर समय ChatGPT तक नॉर्मल एक्सेस, फास्टर रिस्पोंस टाइम, नए फीचर्स की एक्सेस और सुधार शामिल है।OpenAI आने वाले हफ्तों में अपनी वेटिंग लिस्ट में शामिल लोगों को इनवाइट भेजेगा। इसका पेड प्लान जल्द ही दूसरे देशों और इलाकों में उपलब्ध होगा। और पढें: Disney और OpenAI की हुई बड़ी डील, अब बस प्रॉम्प्ट में बना पाएंगे Mickey Mouse और Iron Man जैसे कैरेक्टर्स के साथ वीडियो या इमेज
OpenAI ने जनवरी में ChatGPT के पेड वर्जन को प्रीव्यू किया था। उस समय, कंपनी ने कहा कि चैटबॉट की लॉन्ग-टर्म अवेलेबिलिटी टी करने के तरीकों में से एक मोनेटाइजेशन था। ChatGPT के प्रीमियम लेवल तक एक्सेस का दावा करने वाले कुछ यूजर्स ने कहा था कि इसकी कीमत 42 डॉलर प्रति माह है। हालांकि यह झूठी जानकारी लगती है। ChatGPT Plus की कीमत $20 प्रति माह (लगभग 1643 रुपये) है।
OpenAI ने कहा कि ChatGPT का फ्री वर्जन जारी रखा जाएगा। कंपनी ने कहा, “हम अपने फ्री यूजर्स से प्यार करते हैं और ChatGPT तक फ्री एक्सेस देना जारी रखेंगे।” यह भी कहा गया है कि पेड वर्जन फ्री एक्सेस को बनाए रखने में मदद करेगा।
OpenAI शायद ChatGPT Plus पर न रुके। कंपनी ने कहा, “हम कम लागत वाले प्लान, बिजनेस प्लान और अधिक उपलब्धता के लिए डेटा पैक के ऑप्शन तलाश रहे हैं।” साथ ही डेवलपर कम्यूनिटी के लिए एक ChatGPT API लॉन्च करने की भी प्लानिंग की जा रही है। OpenAI ने कहा कि वह रिसर्च प्रीव्यू के दौरान मिले फीडबैक के आधार पर टूल में बदलाव कर रहा है।