Written By Swati Jha
Published By: Swati Jha | Published: Jan 27, 2023, 07:01 PM (IST)
आजकल ChatGPT काफी चर्चा में है। अगर आप इस पर कोई सवाल करते हैं तो यह काफी रिसर्च करने के बाद आपको जवाब देता है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि ChatGPT लॉ स्कूल या बिजनेस स्कूल में कैसा परफॉर्म करेगा? क्या यह एग्जाम्स में पास होगा या यह एक एवरेज स्टूडेंट की तरह होगा? अब इन तमाम सवालों के जवाब हमारे पास हैं। और पढें: फोटो असली है या AI? अब ऐसे चलेगा पता, ChatGPT और Gemini बताएगा तस्वीर का सच
दरअसल यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा स्कूल ऑफ लॉ और यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया के व्हार्टन बिजनेस स्कूल में की गई के अनुसार, OpenAI के चैटबॉट ने ग्रेजुएट लेवल पर लॉ और बिजनेस एग्जाम पास कर लिया है। और पढें: WWDC 2026 इवेंट इस तारीक से होगा शुरू, क्या इस बार Apple पेश करेगा AI वाला Siri?
बता दें इन दिनों स्टूडेंट्स की तरफ से एग्जाम्स और असाइनमेंट में नकल करने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किए जाने को लेकर चिंता है। चिंता का कारण चैटबॉट की ऑरिजनल कंटेंट जनरेट करने की कैपेसिटी है। ऐसे में चैटबॉट पर सवाल भी उठ रहे हैं और कुछ जगहों पर यह बैन कर दिया गया है। आइए जानते हैं एग्जाम में इसकी परफॉर्मेंस कैसी रही। और पढें: अब ChatGPT से लिंक होगा आपका बैंक अकाउंट, AI बताएगा कितना खर्च करें और कितना बचाएं
मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कानून के प्रोफेसर्स ने चार कोर्सेस के तहत ChatGPT की परीक्षा ली। AI ने टेस्ट में 95 मल्टीपल-चॉइस सवाल और 12 बड़े सवालों का जवाब दिया। इसने सभी चार एग्जाम पास किए लेकिन AI ने एवरेज C+ लेवल पर परफॉर्म किया। प्रोफेसर्स ने नोट किया कि बॉट बेसिक लीगल रूल्स और कानूनी सिद्धांतों के बारे में सवालों के जवाब देने में अच्छा था।
कानूनी सवालों के जवाब देने में ChatGPT किसी मामले में पिनपॉइंट समझाने में फेल रहा। यह किसी मामले के तथ्यों पर कानूनी नियमों को लागू करके डीप एनालिसिस करने में भी फेल रहा। मिनेसोटा कानून के प्रोफेसर्स में से एक, जोनाथन चोई के अनुसार, ChatGPT “एक पहला ड्राफ्ट तैयार करने में मददगार हो सकता है।”
इस ओपन AI के चैटबॉट ने व्हार्टन में बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के दौरान काफी बेहतर परफॉर्म किया। व्हार्टन के प्रोफेसर क्रिश्चियन टेरविच की स्टडी के मुताबिक, ChatGPT ने बी से बी-ग्रेड स्कोर किया है। रिसर्चर्स ने कहा कि AI ने “बेसिक ऑपरेशन मैनेजमेंट और प्रोसेस-एनालिसिस” का जवाब देने में अच्छा परफॉर्म किया। हालांकि, जब यह अधिक एडवांस प्रॉम्प्ट्स की बात आई तो यह कुछ खास नहीं कर सका। इसने 6th ग्रेड की मैथ्स के कुछ अजीब गलतियां भी कीं।
दोनों कैम्स ने ChatGPT के बारे में अपनी परेशानी जताई है। टेरविश ने कहा कि चैटबॉट के इस्तेमाल पर बैन होना चाहिए। यह स्टूडेंट्स पर खर्च किए जा सकने वाले समय को बचाने में प्रोफेसर्स की मदद कर सकता है।