Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 12, 2026, 12:47 PM (IST)
ChatGPT
OpenAI ने अपने ChatGPT में मौजूद Deep Research टूल को बड़े अपडेट के साथ और ज्यादा ताकतवर बना दिया है। यह टूल पहली बार फरवरी 2025 में पेश किया गया था, जिसका मकसद यूजर्स को मु्श्किल और मल्टी-स्टेप रिसर्च करने में मदद करना था। अब एक साल बाद कंपनी ने इसमें नए कंट्रोल्स और फुल-स्क्रीन रिपोर्ट व्यूअर जैसी सुविधाएं जोड़ दी हैं। इन बदलावों से यूजर्स को रिसर्च तैयार करने और उसे पढ़ने, समझने व एडिट करने में ज्यादा आसानी मिलेगा। इसके अलावा OpenAI ने अपने GPT-5.2 Instant AI मॉडल को भी अपडेट किया है, जिससे जवाब पहले से ज्यादा सटीक हो गए हैं। और पढें: OpenAI ने पेश किया अपना पहला AI Chip, जानिए क्या है खास
Deep Research टूल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब यूजर्स अपनी रिसर्च को खास वेबसाइट्स तक सीमित कर सकते हैं। पहले अगर किसी को रिसर्च सिर्फ चुनिंदा वेबसाइट्स के आधार पर चाहिए होती थी, तो उसे प्रॉम्प्ट में ही वेबसाइट का नाम लिखकर निर्देश देना पड़ता था। अब यह काम सिस्टम लेवल पर किया जा सकता है, जिससे रिजल्ट ज्यादा सटीक और फोकस्ड मिलते हैं। साथ ही यूजर्स अब रिसर्च करते समय कनेक्टेड ऐप्स को भी ऑन कर सकते हैं और उन्हें भरोसेमंद सोर्स के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो प्रोफेशनल या अकादमिक रिसर्च करते हैं। और पढें: अब ChatGPT की तरह जवाब देगा Google Maps
अब यूजर्स रिसर्च प्लान शुरू होने से पहले उसे एडिट कर सकते हैं। पहले अगर प्लान बन जाने के बाद उसमें बदलाव करना होता था, तो पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ती थी। अब यूजर शुरुआत से पहले ही दिशा तय कर सकता है और जरूरी बदलाव कर सकता है। हालांकि बीच में रिसर्च की दिशा बदलने का ऑप्शन पहले की तरह अभी भी उपलब्ध है। इसके अलावा Deep Research में नया फुल-स्क्रीन रिपोर्ट व्यूअर जोड़ा गया है। यह एक डॉक्यूमेंट व्यूअर जैसा इंटरफेस देता है, जिसमें बाईं तरफ इंडेक्स और दाईं तरफ सोर्स दिखाई देते हैं। इंडेक्स इंटरएक्टिव है, यानी यूजर किसी भी हेडिंग पर क्लिक करके सीधे उस सेक्शन में जा सकता है।
इन सबके अलावा OpenAI ने GPT-5.2 Instant मॉडल को भी अपडेट किया है, जो ChatGPT और API दोनों में इस्तेमाल होता है। कंपनी के मुताबिक, अब इस मॉडल के जवाब पहले से ज्यादा ‘Measured & Grounded’ हैं, यानी बातचीत के अनुसार संतुलित और सटीक। खासतौर पर how-to सवालों और सलाह से जुड़े जवाब अब ज्यादा स्पष्ट और प्रासंगिक होंगे।