Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Jan 31, 2026, 02:52 PM (IST)
India Government Clarifies No Mandatory Smartphone Source Code
Budget 2026 आने में एक दिन रह गया है। ऐसे में आम जनता हो या फिर स्मार्टफोन निर्मता कंपनी सभी के मन में एक सवाल उठ रहा है कि क्या स्मार्टफोन महंगे हो जाएंगे या फिर कीमतों में भारी गिरावट आएगी, क्योंकि भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन मार्केट है, जहां फोन लग्जरी नहीं बल्कि अहम जरूरत में से एक है। इस डिवाइस के जरिए बैंकिंग से जुड़े काम करने से लेकर ऑनलाइन पढ़ाई तक की जाती है। इन सभी चीजों की वजह से फोन निर्भाता बहुत बढ़ गई है। और पढें: घर में फालतू पड़ा है पुराना मोबाइल फोन, ऐसे बनाएं CCTV कैमरा
रिपोर्ट के अनुसार, टेक इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की वजह से मेमोरी चिप जैसे अहम पार्ट्स की कमी हो गई है। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर भारी दबाव पड़ा है। इस कारण डिवाइस बनाने की कीमत कई गुना बढ़ गई है, जिससे कंपनियों को खर्चा निकालने के लिए कीमतों में इजाफा करना पड़ सकता है। और पढें: 4G स्मार्टफोन में चाहिए 5जी जैसी सुपरफास्ट इंटरनेट स्पीड, अभी अपनाएं काम के टिप्स
स्मार्टफोन कंपनियां फोन की कीमत बढ़ाने से भी बच रही हैं। इससे बाजार की स्थिति बिगड़ सकती है और डिमांड प्रभावित हो सकता है। और पढें: Overnight Charging Vs Morning Charging: बैटरी लाइफ के लिए कौन-सा तरीका है सही, जानें यहां
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए यह समय एक दम सही है। भारत को स्मार्टफोन में लगने वाले कैमरा मॉड्यूल, बैटरी, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) और अन्य पार्ट्स का निर्माता बनने के साथ-साथ सिस्टम डिजाइन व सॉफ्टवेयर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। इससे आने वाले वर्षों में भारत सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन जाएगा।
वर्तमान में अधिकतर स्मार्टफोन भारत में बनते हैं, मगर कई पार्ट्स को दूसरे देशों से मंगवाया जाता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना कि इस बार बजट में टेक्स इंसेटिव में बदलाव किया जा सकता है। साथ ही, इंपोर्ट होने वाले पार्ट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा सकता है। इन प्रयासों से भविष्य में फोन की कीमत को कम किया जा सकता है।
ग्लोबल सप्लाई के कारण बढ़ी हुई कीमत को फिलहाल कम करना संभव नहीं है। हालांकि, बजट स्मार्टफोन की कीमत में होने वाले बदलाव में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके आने के बाद ही तय होगा कि क्या कीमत बढ़ेंगी या फिर तेजी से गिरेंगी।