Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 13, 2026, 12:10 PM (IST)
Android 17 Shows Google Is Preparing For An AI Scam Epidemic
Google ने अपने हालिया इवेंट The Android Show: I/O Edition में Android 17 पेश किया है। इस बार कंपनी का पूरा फोकस सिर्फ AI फीचर्स पर नहीं बल्कि यूजर्स की सुरक्षा पर रहा। Google ने Scam Detection, Banking Fraud Protection, Theft Protection और AI Security जैसे कई नए फीचर्स लॉन्च किए हैं। कंपनी का कहना है कि अब Android सिर्फ एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं रहेगा, बल्कि यह रियल-टाइम सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा जो फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड और चोरी से यूजर्स को बचाएगा। और पढें: Google का नया AI फीचर करेगा फर्जी कॉल की पहचान, डीपफेक स्कैम से यूजर्स को मिलेगी बड़ी सुरक्षा
आज के समय में डिजिटल फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। नकली बैंक कॉल, OTP चोरी, UPI स्कैम, स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड और AI से बनाई गई फर्जी आवाजें लोगों को निशाना बना रही हैं, खासकर भारत जैसे देशों में, जहां करोड़ों लोग मोबाइल बैंकिंग और UPI का इस्तेमाल करते हैं। इसी को देखते हुए Google ने Android 17 में नया Anti-Bank Scam Calling सिस्टम जोड़ा है। अगर कोई स्कैमर बैंक बनकर कॉल करता है, तो Android यह पहचानने की कोशिश करेगा कि कॉल असली है या नकली। अगर सिस्टम को शक होगा, तो वह यूजर को तुरंत चेतावनी देगा। और पढें: आपका स्मार्टफोन असली है या नकली? घर बैठे ऐसे करें तुरंत पता!
Google ने Android 17 में Live Threat Detection नाम का नया फीचर भी पेश किया है। यह फीचर फोन में मौजूद ऐप्स की एक्टिविटी पर नजर रखेगा। अगर कोई ऐप चोरी-छिपे मैसेज फॉरवर्ड करे, बैकग्राउंड में संदिग्ध काम करे या Accessibility फीचर्स का गलत इस्तेमाल करे, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट देगा। खास बात यह है कि यह सुरक्षा सिर्फ पुराने एंटीवायरस की तरह वायरस ढूंढने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि AI की मदद से संदिग्ध व्यवहार को भी पहचान सकेगी। और पढें: Location से लेकर Camera तक, आखिर Apps क्यों मांगते हैं इतनी Permissions? जानिए कब देना चाहिए Access और कब हो जाएं सतर्क
हालांकि इन नए सिक्योरिटी फीचर्स के साथ Android धीरे-धीरे कम ओपन भी होता जा रहा है, पहले जहां यूजर्स थर्ड-पार्टी ऐप्स और कस्टम फीचर्स आसानी से इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन अब Google कई ऐप्स के Accessibility Access को सीमित कर रहा है ताकि फ्रॉड रोका जा सके। इसका मतलब यह है कि Android अब धीरे-धीरे Apple के ज्यादा कंट्रोल वाले सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है।
Android 17 में Theft Protection फीचर भी काफी चर्चा में है। अब अगर किसी का फोन चोरी हो जाता है, तो चोर के लिए उसे इस्तेमाल करना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल होगा। Google ने ‘Mark as Lost’ फीचर जोड़ा है, जिससे फोन चोरी होने के बाद भी सुरक्षित रहेगा। अगर चोर को PIN पता भी हो, तब भी वह आसानी से Tracking बंद नहीं कर पाएगा। Quick Settings छिप जाएंगी और नए Wi-Fi या Bluetooth कनेक्शन ब्लॉक हो जाएंगे। इसके अलावा कई बार गलत PIN डालने पर सिस्टम ज्यादा देर का लॉक लगाएगा, जिससे Brute Force Attack करना मुश्किल होगा।
Google ने Android 17 में Verification System भी पेश किया है, जो यह जांचने में मदद करेगा कि फोन में असली Android चल रहा है या नकली और छेड़छाड़ किया गया वर्जन। कंपनी ने Google Apps के लिए Cryptographic Verification System भी शुरू किया है।