Written By Harshit Harsh
Written By Harshit Harsh
Edited by Harshit Harsh |Published: Nov 21, 2023, 08:05 PM (IST)
Tesla in India: एलन मस्क की इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने वाली कंपनी Tesla जल्द भारत में एंट्री को तैयार है। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 2024 से अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां भारतीय बाजार में शिप करना शुरू कर देगी। वहीं, कंपनी भारत में अगले 2 साल में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगाएगा। पिछले दिनों केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने टेस्ला के प्लांट का दौरा किया था। एलन मस्क पिछले कुछ साल से भारतीय बाजार में एंट्री की तैयारी कर रहा था। एलन मस्क ने भारत को इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बड़ा बाजार बताया था। मस्क की पीएम नरेन्द्र मोदी से अमेरिकी दौरे के दौरान इस साल मुलाकात हुई थी, जिसमें मस्क ने खुद को मोदी का फैन बताया था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एलन मस्क की टेस्ला और भारत सरकार के बीच बातचीत आखिरी दौर में है। जनवरी 2024 में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के दौरान टेस्ला की भारतीय बाजार में एंट्री की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। Tesla भारत के गुजरात, महाराष्ट्रा और तामिलनाडु में अपनी फैक्ट्री लगा सकती है। ये तीनों राज्य फिलहाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सबसे बेहतर इको-सिस्टम प्रदान करते हैं। ज्यादातर इलेक्ट्रिक गाड़ियां यहीं बनाए जाते हैं।
Visited @Tesla’s state of the art manufacturing facility at Fremont, California.
Extremely delighted to see talented Indian engineers & finance professionals working at Senior positions and contributing to Tesla’s remarkable journey to transform mobility.
Also proud to see… pic.twitter.com/FQx1dKiDlf
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) November 14, 2023
Tesla भारत में इसके लिए मिनिमम 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 16.65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। भारत में कंपनी इसके अलावा बैटरी और ऑटो पार्ट्स भी बनाएगी, ताकि लागत कम किया जा सके। पीयूष गोयल ने हाल ही में अमेरिका के कैलिफॉर्निया स्थित टेस्ला के प्लांट का दौरा किया था। केन्द्रीय मंत्री ने कहा था कि एलन मस्क की कंपनी भारत से अपनी गाड़ियों के कंपोनेंट का आयात दोगुना करेगी। केन्द्रीय मंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X (Twitter) पर टेस्ला प्लांट की तस्वीरें भी शेयर की थी।
केन्द्र की मोदी सरकार ने कोरोना काल के दौरान मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की बात कही थी, जिसकी वजह से ज्यादातर कंपनियों भारत में अपने मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने पर जोर दे रही है। टेस्ला फिलहाल भारत में अपनी गाड़ियां नहीं बेचता है, क्योंकि उनपर बड़ा निर्यात शुल्क लग जाता है, जिसकी वजह से गाड़ी की कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है। भारत के मध्यम वर्ग परिवार में इन दिनों इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड काफी बढ़ी है। अगले कुछ साल में चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वीकल मार्केट बन सकता है।