Written By Mona Dixit
Published By: Mona Dixit | Published: Dec 18, 2023, 10:52 AM (IST)
PM Narendra Modi ने हालिया भाषण में Artificial Intelligence टूल Bhashini का यूज किया गया है। रिववार यानी 17 दिसंबर, 2023 को काशी में भाषणा देते समय पहली बार AI टेक्नोलॉजी का यूज किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सभा में तमिल जनता से Bhashini के जरिए सीधी बातचीत की है। मोदी इस समय अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने पहले दिन काशी-तमिल संगमन कार्यक्रम की शुरुआत की। भाषाण की शुरुआत करते ही प्रधानमंत्री ने तमिल जनता को ईयरफोन लगाने के लिए कहा। एआई टूल ‘Bhashini’ का यूज उन दर्शकों के लिए किया गया था, जो तमिल समझते थे। आइये, इस टूल के बारे में डिटेल में जानते हैं। साथ ही, इसे यूज करने का प्रोसेस भी जानते हैं। और पढें: 11 मई को क्यों मनाया जाता है National Technology Day? PM ने टेक्नोलॉजी को बताया आत्मनिर्भर भारत का अहम स्तंभ
गांधीनगर (गुजरात) में डिजिटल इंडिया वीक 2022 में पीएम ने AI और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) पर बेस्ड टूल Bhashini को लॉन्च किया था। इसे अलग-अलग भाषाओं को समझने वालों के बीच बातचीत में बाधा को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। यह एआई-इनेबल ट्रांसलेशन टूल 22 भाषाओं को ट्रांसलेट कर सकता है। और पढें: PM Modi का इंस्टाग्राम पर जलवा, ट्रंप-पुतिन को पीछे छोड़ बने सबसे ज्यादा फॉलोवर्स वाले नेता
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इसका उद्देश्य “सरकार, उद्योग, शिक्षा, रिसर्च ग्रुप और स्टार्ट-अप के एक बड़े नेटवर्क को एकजुट और संरेखित करने के लिए एक ऑर्केस्ट्रेटर के रूप में कार्य करना है। भाषिनी का उद्देश्य सभी भारतीयों को अपनी भाषा में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं तक आसान पहुंच देना और भारतीय भाषाओं में कंटेट को बढ़ाना है। और पढें: India AI Impact Summit 2026: PM Modi ने AI पर दिया अपना MANAV Vision, कहा AI में भारत को भय नहीं भाग्य दिखता है
यह प्लेटफॉर्म एंड्रॉयड और iOS यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इसमें भाषादाम नाम की भी सुविधा है, जिसके जरिए यूजर भी सिस्टम में अपना योगदान कर सकते हैं।
एक ‘जनरेट ऑडियो’ बटन दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा। यह सोर्स और अनुवादित भाषा दोनों में ऑडियो आउटपुट करेगा। इस बटन पर क्लिक करने के बाद आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं या सुन सकते हैं।