Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 24, 2026, 12:44 PM (IST)
Nitrogen vs Normal Air in Car Tyres
देशभर में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और ऐसे मौसम में कार चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। गर्मियों में सबसे ज्यादा खतरा गाड़ी के टायरों को होता है। तेज धूप और गर्म सड़कों पर लंबी दूरी तय करने के दौरान टायरों के अंदर भरी हवा का तापमान तेजी से बढ़ता है। कई बार ज्यादा प्रेशर बनने की वजह से टायर फट जाते हैं, जिससे सड़क हादसे होने का खतरा बढ़ जाता है। हर साल गर्मियों में टायर ब्लास्ट की कई घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में अगर आप भी अपनी कार से बाहर घूमने जा रहे हैं तो टायरों की सही देखभाल करना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में कार के टायरों में सामान्य हवा की जगह नाइट्रोजन गैस भरवाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। नाइट्रोजन गैस सामान्य हवा की तुलना में ठंडी रहती है और जल्दी गर्म नहीं होती। यही वजह है कि टायर के अंदर प्रेशर अचानक नहीं बढ़ता और टायर फटने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा नाइट्रोजन के मॉलिक्यूल्स बड़े होते हैं, इसलिए यह गैस टायर से जल्दी बाहर नहीं निकलती। इससे बार-बार हवा भरवाने की परेशानी भी कम हो जाती है।
नाइट्रोजन गैस का एक और बड़ा फायदा यह है कि इसमें नमी नहीं होती। सामान्य हवा में मौजूद नमी गर्मी के मौसम में रिम और एलॉय व्हील में जंग लगने का कारण बन सकती है। वहीं नाइट्रोजन सूखी गैस होती है, जिससे टायर और रिम दोनों सुरक्षित रहते हैं। आजकल ज्यादातर कारों में ट्यूबलेस टायर दिए जाते हैं और ऐसे टायरों में नाइट्रोजन बेहतर परफॉर्मेंस करती है। टायर लंबे समय तक ठंडे रहते हैं, जिससे उनकी रबर जल्दी खराब नहीं होती और टायर की लाइफ भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि कई बड़ी टायर कंपनियां भी नाइट्रोजन के इस्तेमाल को बेहतर मानती हैं।
हालांकि नाइट्रोजन गैस भरवाना सामान्य हवा की तुलना में थोड़ा महंगा पड़ता है। जहां सामान्य हवा पेट्रोल पंप पर मुफ्त में मिल जाती है, वहीं नाइट्रोजन भरवाने के लिए प्रति टायर लगभग 10 से 20 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा अभी हर जगह नाइट्रोजन की सुविधा उपलब्ध भी नहीं है, लेकिन अगर आप अपनी कार की सुरक्षा, टायर की लंबी उम्र और सुरक्षित सफर चाहते हैं तो गर्मियों में नाइट्रोजन गैस एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकती है, साथ ही समय-समय पर टायर प्रेशर चेक करना और घिसे हुए टायर बदलना भी बेहद जरूरी है।