Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Jun 13, 2026, 01:50 PM (IST)
स्मार्टफोन को सुरक्षित चार्ज करने के लिए सही चार्जर का उपयोग करना बहुत जरूरी है। लेकिन बाजार में इन दिनों अधिक तादाद में नकली चार्जर बिक रहे हैं, जो दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं। इनकी कीमत भी कम होती है। इस लालच में आकर लोग इन्हें खरीद लेते हैं और बाद में उन्हें बैटरी खराब या ड्रेन होने और ओवर हीटिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कैसे फेक चार्जर की पहचान की जाए, तो इसका जवाब आपको यहां मिलेगा। हम आपको यहां कुछ तरीके बताने जा रहे हैं, जिससे आप नकली व असली चार्जर में आसानी से फर्क कर सकेंगे। आइए जानते हैं…
ओरिजनल चार्जर की पैकेजिंग बहुत बढ़िया होती है। ये बहुत साफ और अच्छी क्वालिटी की होती है। इस पर कंपनी का लोगो बना होता है और चार्जर से जुड़ी जरूरी जानकारी भी लिखी होती है। नकली चार्जर की बात करें, तो इसकी पैकेजिंग लूज और खराब होती है। साथ ही, पैकेट पर लिखे कंटेंट में भी गलतियां होती है। इसलिए हमारी राय है कि चार्जर खरीदते वक्त उसकी पैकेजिंग को जरूर चेक करें। यदि गलतियां मिले, तो भूलकर भी न खरीदें।
विशेषज्ञों का मानना है कि फोन चार्ज होते वक्त थोड़ा-बहुत गर्म होता है। यह सामान्य बात है, लेकिन यह बहुत गर्म हो रहा है, तो चिंता की बात है। ऐसा फेक चार्जर से डिवाइस चार्ज करने पर होता है। इससे स्मार्टफोन की बैटरी ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जब भी चार्जर खरीदें, तो BIS मार्क या ISI मार्क वाले चार्जर को प्राथमिकता दें।
अगर ब्रांडेड चार्जर की कीमत बाजार की कीमत से बहुत कम है, तो यह एक संकेत है कि चार्जर नकली है। इसलिए उस चार्जर को न खरीदें।
नकली चार्जर की पहचान करने के लिए उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक करें, क्योंकि कई ब्रांड अपने प्रोडक्ट की सही जानकारी साइट पर लिस्ट करते हैं। इसके जरिए नकली और असली चार्जर के बीच पहचान करना बहुत आसान हो जाता है।
अगर स्मार्टफोन सामान्य से काफी धीमी स्पीड से चार्ज हो रहा है या फिर बीच-बीच में कनेक्शन टूट रहा है, तो इसका मतलब है कि चार्जर नकली है।