Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 08, 2026, 11:34 AM (IST)
BSNL को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। BSNL के कर्मचारी संगठनों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर मांग की है कि सभी सरकारी विभागों, मंत्रालयों और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स (PSUs) में BSNL की 4G SIM और सेवाओं का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाए। उनका कहना है कि जहां भी मोबाइल खर्च सरकारी फंड से दिया जाता है, वहां BSNL का ही नेटवर्क इस्तेमाल होना चाहिए। इस पहल को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करने वाला कदम बताया जा रहा है। और पढें: PM मोदी ने 3300 करोड़ रुपये से बनी सेमीकंडक्टर यूनिट का किया उद्घाटन, अब भारत बनेगा सेमीकंडक्टर का हब
कर्मचारी संगठनों का मानना है कि अगर यह नियम लागू होता है, तो इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) को मजबूती मिलेगी। साथ ही BSNL को आर्थिक रूप से सहारा मिलेगा और सरकारी पैसों का बेहतर यूज हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के स्वदेशी टेलीकॉम इकोसिस्टम को भी बढ़ावा देगा। संगठन ने इसे एक “माइलस्टोन स्टेप” बताते हुए कहा कि इससे भारत की टेलीकॉम आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलेगी। और पढें: BSNL SIM: घर बैठे BSNL सिम कैसे करें एक्टिवेट? यहां जानें पूरा प्रोसेस
फिलहाल BSNL देशभर में अपने 4G और 5G नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने में जुटा है। इस प्रोजेक्ट में Tata Consultancy Services (TCS), Tejas Networks और Centre for Development of Telematics (C-DoT) जैसे संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं। देशभर में लगभग 1 लाख 4G साइट्स लगाई जा रही हैं और जल्द ही 20,000 और साइट्स जोड़ने की योजना है, हालांकि BSNL को Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea जैसी निजी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है, जो पहले से 5G सेवाएं दे रही हैं। और पढें: BSNL ने कर दिया बड़ा कमाल, 96,000 से ज्यादा 4G साइट्स चालू, इंटरनेट की स्पीड होगी बेहतर
इसके अलावा कर्मचारी संगठन ने Minister of Communications Jyotiraditya Scindia को भी पत्र लिखकर BSNL के लिए स्थायी CMD (Chairman and Managing Director) की जल्द नियुक्ति की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था के कारण कंपनी के फैसलों और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ रहा है, फिलहाल CMD का अतिरिक्त प्रभार ए. रॉबर्ट जे. रवि के पास है, जिनका कार्यकाल 14 अप्रैल 2026 तक है। संगठनों का मानना है कि एक स्थायी और मजबूत नेतृत्व ही BSNL के पुनर्जीवन, तकनीकी सुधार और कर्मचारियों से जुड़े बदलावों को सही दिशा दे सकता है।