Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jan 24, 2026, 03:28 PM (IST)
YouTube
YouTube ने 2026 के लिए बड़ी AI योजनाओं का ऐलान किया है। इस नए फीचर के आने के बाद क्रिएटर्स को हर बार वीडियो रिकॉर्ड करने की जरूरत नहीं होगी। अब AI उनके चेहरे और आवाज का इस्तेमाल करके वीडियो तैयार कर सकेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फीचर खासकर YouTube Shorts के लिए आ रहा है। यह OpenAI के Sora की तरह काम करेगा, जहां क्रिएटर केवल टेक्स्ट में बताएंगे कि वीडियो कैसा चाहिए और AI उसे बना देगा। CEO नील मोहन का कहना है कि AI किसी को भी रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि यह एक मददगार टूल है जिससे क्रिएटर्स अपने आइडियाज जल्दी और आसानी से शेयर कर सकें। और पढें: Instagram का नया पेड सब्सक्रिप्शन प्लान लीक, मिलेंगे ऐसे फीचर्स जो पहले कभी नहीं देखे
इस नए फीचर से क्रिएटर्स के लिए कंटेंट बनाना आसान हो जाएगा। अब वे अपने चेहरे का इस्तेमाल करके Shorts बना सकते हैं, भले ही वे कैमरे के सामने न हों। इससे समय की बचत होगी और नए आइडियाज को आजमाना भी आसान होगा। इसके अलावा YouTube AI टूल्स गेम्स और म्यूजिक के लिए भी पेश कर रहा है। क्रिएटर्स केवल टेक्स्ट प्रोम्प्ट्स के जरिए आसान गेम्स बना सकेंगे और AI द्वारा तैयार म्यूजिक के साथ नए क्रिएटिव फॉर्मेट्स आजमा सकेंगे, फिलहाल टेक्नोलॉजी डिटेल्स को कंपनी ने पूरी तरह शेयर नहीं किया है, लेकिन यह सब 2026 से उपलब्ध होगा। और पढें: YouTube 2026 में ला रहा है बड़ा AI बदलाव, OpenAI Sora को मिलेगी कड़ी टक्कर
Shorts को भी अपग्रेड किया जा रहा है। अब क्रिएटर्स सीधे अपने सब्सक्राइबर के फीड में फोटो और कंटेंट डाल सकेंगे, बिल्कुल Instagram Reels की तरह। इससे क्रिएटर्स अपने दर्शकों के साथ लगातार जुड़ाव बनाए रख सकेंगे। इसके अलावा YouTube स्मार्ट टीवी पर भी जोर दे रहा है। 2027 तक प्लेटफॉर्म स्मार्ट टीवी के लिए नई सुविधाएं पेश करेगा। इसमें कस्टमाइजेबल मल्टी-व्यू ऑप्शन्स, 10 से ज्यादा नए YouTube TV प्लान्स और स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट व न्यूज के बेहतर पैकेज शामिल होंगे। और पढें: Google का Veo 3.1 AI मॉडल हुआ अपग्रेड, अब बनाएगा YouTube Shorts और Instagram Reels जैसे वर्टिकल वीडियो
क्रिएटर्स के लिए YouTube की यह सबसे बड़ी पेशकश है कि वे नए AI-मोनेटाइजेशन टूल्स का फायदा उठाकर अपने चैनल से ज्यादा कमाई कर सकेंगे। AI की मदद से वीडियो बनाना आसान होगा और नए तरीके के कंटेंट को ट्राई करना भी सरल होगा। इससे छोटे और बड़े दोनों तरह के क्रिएटर्स को फायदा मिलेगा।