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Xiaomi ला रही है झूठ पकड़ने वाली लेटेस्ट तकनीक! मोबाइल यूजर्स के लिए होगी आसानी

साल 1921 में पोलीग्राफ टेक्नोलॉजी का आविष्कार हुआ था और तब से उसी स्टैंडर्ड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब शाओमी इस तकनीक को और बेहतर बनाने जा रही है।

Published By: Rohit Kumar | Published: Mar 09, 2023, 12:47 PM (IST)

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Highlights

  • Xiaomi एक एडवांस लाइ डिटेक्टर मशीन करने की प्लानिंग कर रही है।
  • 1921 में पोलीग्राफ टेक्नोलॉजी का आविष्कार हुआ था।
  • Xiaomi के इस तकनीक में मोबाइल का इस्तेमाल किया जाएगा।
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Xiaomi के भारतीय मोबाइल बाजार में ढेरों स्मार्टफोन, लाइट और मोबाइल असेसरीज मौजूद हैं। लेकिन अब कंपनी एक नए प्रोडक्ट को तैयार करने की प्लानिंग कर रही है, जो सामने वाले का झूठ पकड़ने में मदद करेगी। दरअसल, चीनी कंपनी शाओमी ने पेटेंट की अर्जी दी है, जिसमें पोलीग्राफ डिटेक्टर को ज्यादा एक्युरेट बनाने का दावा किया है। इसके लिए मशीन pupil movements को ट्रैक करेगी, जिसमें आंखों की पुतली की ट्रैकिंग और नर्वस सिस्टम की ट्रैकिंग शामिल है। news और पढें: 9000mAh बैटरी के साथ जल्द लॉन्च होगा Redmi का ये फोन, इतनी हो सकती है कीमत

साल 1921 में पोलीग्राफ टेक्नोलॉजी का आविष्कार हुआ था और तब से उसी स्टैंडर्ड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब शाओमी इस तकनीक को और बेहतर बनाने जा रही है और अगर कोई झूठ बोलता है तो यह उसे तुरंत ट्रैक कर सकेगी। news और पढें: Amazon Great Republic Day Sale 2026 शुरू होने से पहले टॉप डील्स का हुआ खुलासा, सिर्फ इतने में मिलेगा iPhone 17 Pro

रिपोर्ट्स में किया दावा

गिज्मोचाइना ने ITHome के हवाले से जानकारी दी है कि शाओमी ने नए पेटेंट के लिए आवेदन दाखिल किया है, जिसमें Polygraph Method, Device, Mobile terminal, और स्टोरेज मीडियम का जिक्र है। इस लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर कंपनी अपना पेटेंट चाहती है। यह तकनीक किसी भी व्यक्ति के झूठ को पकड़ने के लिए टेलीफोटो पैन टिल्ट कैमरा का इस्तेमाल करेगी, जिससे फेस इमेज और अन्य गतिविधियों को ट्रैक करेगा। news और पढें: Redmi Note 15 Pro 5G धाकड़ फीचर्स के साथ जल्द भारत में देगा दस्तक, यहां हुआ लिस्ट

कैसे करेगा काम

टेलीफोटो पैन टिल्ट कैमरा को इस एंगल का फिट किया जाएगा, जिससे वह उस व्यक्ति के चेहरे पर फोकस कर सके, जिसके सच और झूठ का परीक्षण होना है। कैमरा इंसान के चेहरे, आंख और अन्य गतिविधियों को ट्रैक करेगा, उसके बाद चंद सेकेंड में उसका गहन विश्लेषण करके रिजल्ट को दिखाएगा। मोबाइल टर्मिनल के रूप में स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, झूठ बोलने पर आंख की मूवमेंट और स्वांस क्रिया प्रभावित होती है।

शोध में किया है दावा

एक शोध के मुताबिक, जब एक व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसका Pupil diameter 4 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक उतार चढ़ाव का सामना करता है। साथ ही उसकी आंखें भी तेजी से ब्लिंक करती हैं, जो नॉर्मल से 8 बार ज्यादा होगी।