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Smartwatch के नीचे आखिर क्यों जलती है हरी लाइट? जानिए इसके पीछे की खास टेक्नोलॉजी

आजकल Smartwatch सिर्फ समय देखने की डिवाइस नहीं रह गई है, बल्कि यह हमारी सेहत पर भी नजर रखती है। Smartwatch के नीचे जलने वाली हरी लाइट सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि एक खास सेंसर टेक्नोलॉजी का हिस्सा है। आइए जानते हैं...

Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 26, 2026, 01:37 PM (IST)

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आजकल लगभग हर किसी की कलाई पर Smartwatch दिखाई देती है। चाहे वह प्रीमियम Apple की Apple Watch हो या कोई बजट फिटनेस वॉच, इन सभी डिवाइसेज में एक चीज कॉमन होती है, नीचे की तरफ चमकने वाली हरी लाइट। कई लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ डिजाइन का हिस्सा है, लेकिन असल में यह आपकी Heart Rate मापने के लिए बेहद जरूरी टेक्नोलॉजी है। Smartwatch आपकी नब्ज को मापने के लिए Photoplethysmography नाम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है। इसमें वॉच स्किन पर रोशनी डालती है और फिर यह जांचती है कि कितनी लाइट वापस लौट रही है क्योंकि दिल की धड़कन के साथ शरीर में खून का बहाव बदलता रहता है, इसलिए लौटने वाली रोशनी भी बदलती रहती है। इसी डेटा की मदद से Smartwatch आपकी Pulse Rate का पता लगाती है। news और पढें: Huawei ने ग्लोबल लॉन्च की नई स्मार्टवॉच Watch GT Runner 2, मिलेंगे कमाल के फीचर्स, कीमत बस इतनी

Smartwatch आखिर Heart Rate कैसे मापती है?

दरअसल, Smartwatch में हरी लाइट इस्तेमाल करने के पीछे सीधा संबंध हमारे खून से है। हमारे खून में Hemoglobin नाम का तत्व होता है, जो ऑक्सीजन लेकर पूरे शरीर में घूमता है। यही Hemoglobin खून को लाल रंग देता है। लाल रंग की चीजें हरी रोशनी को ज्यादा Absorb करती हैं, इसलिए जब खून नसों में ज्यादा मात्रा में बहता है, तो हरी लाइट कम वापस लौटती है। Smartwatch इसी फर्क को पकड़कर दिल की धड़कन को पहचान लेती है। विशेषज्ञों के अनुसार हरी रोशनी स्किन के बहुत गहरे हिस्सों तक नहीं जाती और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इससे वॉच को सिर्फ सतह के पास मौजूद Blood Flow की जानकारी मिलती है, जिससे Heart Rate ज्यादा सटीक तरीके से मापा जा सकता है।

कुछ Smartwatch में हरी लाइट के साथ लाल लाइट भी क्यों जलती है?

हालांकि Smartwatch सिर्फ हरी लाइट तक सीमित नहीं रहती। कई एडवांस मॉडल्स में लाल और Infrared लाइट भी दी जाती है। इनका इस्तेमाल Blood Oxygen Level यानी SpO2 मापने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया को Pulse Oximetry कहा जाता है। इसमें वॉच त्वचा पर लाल और Infrared रोशनी डालती है और यह देखती है कि शरीर कितना प्रकाश Absorb कर रहा है। Oxygen से भरपूर Hemoglobin और कम Oxygen वाले Hemoglobin दोनों अलग-अलग तरीके से रोशनी को Absorb करते हैं। Oxygen वाला खून Infrared लाइट ज्यादा Absorb करता है, जबकि कम Oxygen वाला खून Red Light को अलग तरीके से Reflect करता है। Smartwatch इन्हीं बदलावों का एनालिसिस करके आपके Blood Oxygen Level का अनुमान लगाती है।

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क्या Smartwatch अब छोटी Health Machine बन चुकी है?

अगर आपकी Smartwatch में सिर्फ हरी लाइट जलती है, तो इसका मतलब है कि वह मुख्य रूप से Heart Rate मापने का काम करती है, लेकिन जिन Smartwatch में लाल और Infrared Sensors भी होते हैं, वे Blood Oxygen (SpO2) जैसी एडवांस हेल्थ जानकारी भी दिखा सकती हैं। आज की Smartwatch सिर्फ समय देखने की चीज नहीं रह गई है। यह एक छोटे हेल्थ मॉनिटर की तरह काम करती है। इससे लोग अपनी Heart Rate, Sleep, Stress और Blood Oxygen जैसी जरूरी चीजों पर आसानी से नजर रख सकते हैं।