Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 25, 2026, 10:32 AM (IST)
Black Hole
ब्लैक होल को लेकर वैज्ञानिकों की सोच अब बदल सकती है। अब तक माना जाता था कि हर ब्लैक होल के अंदर एक ‘Singularity’ होती है। इसका मतलब है ऐसा बिंदु जहां Gravity इतनी ज्यादा हो जाती है कि Physics के सारे नियम काम करना बंद कर देते हैं, लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस सोच को चुनौती दी है। जर्मनी की Goethe University Frankfurt के वैज्ञानिक फ्रांसेस्को डी फिलिप्पो का कहना है कि कुछ खास परिस्थितियों में ब्लैक होल बिना Singularity के भी बन सकते हैं। यह रिसर्च अप्रैल 2026 में Physical Review Letters में प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिक मान रहे हैं कि अगर यह सही साबित होती है, तो ब्लैक होल को समझने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। और पढें: SpaceX का Dragon Capsule पहुंचा ISS, साथ ले गया 6,500 पाउंड जरूरी सामान
इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक खास तरह के ब्लैक होल पर रिसर्च की, जिन्हें ‘Reissner-Nordström Black Hole’ कहा जाता है। ये ऐसे ब्लैक होल होते हैं जिनमें इलेक्ट्रिक चार्ज भी मौजूद होता है। अब तक वैज्ञानिक मानते थे कि ऐसे ब्लैक होल के अंदर दो बड़ी समस्याएं होती हैं। और पढें: एलियन खोजने की आई नई टेक्नोलॉजी, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा दावा
उनके मुताबिक, ब्लैक होल का इलेक्ट्रिक चार्ज और उससे निकलने वाला ‘हॉकिंग रेडिएशन’ मिलकर इन समस्याओं को रोक सकते हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि ब्लैक होल के अंदर Infinite Gravity बनने की जरूरत ही न पड़े, यानी Singularity शायद बने ही नहीं।
इस खोज को बहुत खास माना जा रहा है क्योंकि इसका असर सिर्फ चार्ज वाले ब्लैक होल तक सीमित नहीं हो सकता। वैज्ञानिकों का मानना है कि यही नियम ब्रह्मांड के दूसरे ब्लैक होल पर भी लागू हो सकते हैं। इस रिसर्च की सबसे बड़ी बात यह है कि यह क्वांटम फील्ड थ्योरी पर आधारित है। इसमें स्ट्रिंग थ्योरी या लूप क्वांटम ग्रैविटी जैसे ऐसे मॉडल इस्तेमाल नहीं किए गए, जिन्हें अभी तक पूरी तरह सही साबित नहीं किया जा सका है, यही वजह है कि वैज्ञानिक इस अध्ययन को ज्यादा भरोसेमंद मान रहे हैं। अगर आगे चलकर यह सिद्धांत सही साबित होता है, तो ब्लैक होल और Gravity को समझने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।
इस रिसर्च में यह भी कहा गया है कि अगर ब्लैक होल में Singularity न हो, तो उसके खत्म होने के बाद बहुत छोटे-छोटे माइक्रोस्कोपिक ऑब्जेक्ट्स बन सकते हैं। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यही रहस्यमयी चीजें ‘डार्क मैटर’ से जुड़ी हो सकती हैं। डार्क मैटर आज भी ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है क्योंकि इसे सीधे देखा नहीं जा सकता, लेकिन इसका असर अंतरिक्ष में महसूस होता है, फिलहाल यह रिसर्च सिर्फ एक थ्योरी है और इसे सही साबित करने के लिए अभी और अध्ययन करने होंगे, फिर भी वैज्ञानिक इसे ब्लैक होल की दुनिया में एक बड़ा कदम मान रहे हैं क्योंकि पहली बार बिना सिंगुलैरिटी वाले ब्लैक होल को इतने बेहतर तरीके से समझाने की कोशिश की गई है।
अब तक वैज्ञानिक मानते थे कि ब्लैक होल के केंद्र में ‘Singularity’ होती है, जहां Gravity Infinite हो जाती है और Physics के नियम काम करना बंद कर देते हैं, लेकिन नई रिसर्च के मुताबिक, कुछ ब्लैक होल बिना Singularity के भी मौजूद हो सकते हैं।
जर्मनी की Goethe University Frankfurt के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इलेक्ट्रिक चार्ज और Hawking Radiation मिलकर ब्लैक होल के अंदर Infinite Gravity बनने से रोक सकते हैं, यानी ब्लैक होल बिना Singularity के भी बन सकते हैं।
यह एक खास तरह का ब्लैक होल होता है जिसमें इलेक्ट्रिक चार्ज मौजूद होता है। नई रिसर्च इसी प्रकार के ब्लैक होल पर आधारित है और वैज्ञानिकों का मानना है कि इनके अंदर की Physics सामान्य ब्लैक होल से अलग हो सकती है।
अगर यह थ्योरी सही साबित होती है, तो ब्लैक होल, Gravity और Space-Time को समझने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। इससे Quantum Physics और General Relativity के बीच के कई रहस्य भी सुलझ सकते हैं।
कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि बिना Singularity वाले ब्लैक होल खत्म होने के बाद छोटे माइक्रोस्कोपिक ऑब्जेक्ट्स छोड़ सकते हैं। संभव है कि यही रहस्यमयी चीजें ‘Dark Matter’ से जुड़ी हों, हालांकि इसे साबित करने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।