Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 01, 2026, 11:31 AM (IST)
Why Smartphones Are Getting More Expensive in India
भारत में स्मार्टफोन खरीदना पहले के मुकाबले अब काफी महंगा हो गया है। कुछ साल पहले जो फोन 10,000 रुपये के आसपास मिल जाता था, आज उसी तरह के फीचर्स वाले फोन की कीमत 15,000 से 20,000 रुपये तक पहुंच गई है। यह सिर्फ महंगाई का असर नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई तकनीकी और कारोबारी कारण भी हैं। स्मार्टफोन कंपनियां अब ऐसे फीचर्स देने पर ध्यान दे रही हैं जो पहले सिर्फ महंगे फ्लैगशिप फोन में देखने को मिलते थे। यही वजह है कि बजट और मिड-रेंज फोन की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। और पढें: OnePlus और Nothing ने इन फोन्स के बढ़ाए दाम, जानें वजह और नई कीमत
स्मार्टफोन की कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा कारण नए और ज्यादा ताकतवर प्रोसेसर हैं। आज के फोन में AI को सपोर्ट करने वाले चिपसेट दिए जा रहे हैं। Qualcomm और MediaTek जैसी कंपनियां ऐसे प्रोसेसर बना रही हैं जो बेहतर गेमिंग, तेज मल्टीटास्किंग और AI फीचर्स को संभाल सकें। इन आधुनिक चिप्स को बनाने की लागत पुराने प्रोसेसर के मुकाबले काफी ज्यादा होती है। और पढें: Apple WWDC 2026: क्या Siri में आने वाला है सबसे बड़ा AI अपडेट?
5G टेक्नोलॉजी भी स्मार्टफोन को महंगा बनाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। 5G स्मार्टफोन में एडवांस मॉडेम, बेहतर एंटीना, ज्यादा प्रभावी कूलिंग सिस्टम और बड़ी बैटरी की जरूरत होती है। इन सभी हार्डवेयर पार्ट्स की वजह से प्रोडक्शन लागत बढ़ जाती है। पहले 5G सिर्फ प्रीमियम फोन तक सीमित था, लेकिन अब एंट्री-लेवल स्मार्टफोन में भी यह फीचर दिया जा रहा है। ऐसे में कंपनियों को कम कीमत वाले फोन में भी महंगे कंपोनेंट लगाने पड़ रहे हैं। और पढें: Xiaomi 17T की लॉन्च टाइमलाइन लीक, जानें कब हो सकती है भारत में एंट्री
इसके अलावा कैमरा और डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में तेजी से सुधार हुआ है। अब ग्राहक हाई-मेगापिक्सल कैमरा, AMOLED स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और OIS जैसे फीचर्स की उम्मीद करते हैं। कई मिड-रेंज स्मार्टफोन में 200MP तक के कैमरे दिए जा रहे हैं। पहले जो फीचर्स सिर्फ फ्लैगशिप डिवाइस में मिलते थे, वे अब सस्ते फोन में भी आ रहे हैं। बेहतर कैमरा सेंसर, हाई क्वालिटी वाले डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन फोन की कुल लागत को बढ़ा देते हैं।
Manufacturing और Import लागत भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा रही है। दुनियाभर में सेमीकंडक्टर, कच्चे माल और शिपिंग की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। भारत में असेंबली बढ़ने के बावजूद कई महत्वपूर्ण पार्ट्स अभी भी चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से Import किए जाते हैं। इसके अलावा कंपनियां अब 3 से 7 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा कर रही हैं। लंबे समय तक अपडेट उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी निवेश की जरूरत पड़ती है, जिसका असर भी कीमतों पर दिखाई देता है।
AI फीचर्स की बढ़ती मांग और ग्राहकों की बदलती पसंद भी स्मार्टफोन को महंगा बना रही है। आज लोग बेहतर कैमरा, लंबी बैटरी लाइफ, तेज चार्जिंग, शानदार गेमिंग और स्मार्ट AI फीचर्स चाहते हैं। Samsung, Apple, Google और Xiaomi जैसी कंपनियां AI आधारित फोटो एडिटिंग, लाइव ट्रांसलेशन और स्मार्ट असिस्टेंट जैसी सुविधाओं पर जोर दे रही हैं। इन फीचर्स के लिए शक्तिशाली हार्डवेयर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है।