Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Jun 23, 2026, 01:56 PM (IST)
WhatsApp को अपना नया मालिक मिल चुका है। जी हां, पॉपुलर इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप की कमान अब भारतीय के हाथों आ चुकी है। हाल ही में कंपनी ने ऐलान किया है कि Kunal Shah (कुणाल शाह) को व्हाट्सऐप का ग्लोबल CEO नियुक्त किया गया है। कुणाल शाह व्हाट्सऐप से पहले भारतीय CRED ऐप के फाउंडर रह चुके हैं। वहीं, अब वो व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेड बन गए हैं। कुणाल शाह से पहले विल कैथकार्ट (Will Cathcart) व्हाट्सऐप के हेड थे, जो कि साल 2019 से इस पद को संभाल रहे थे। ऐसा पहली बार होगा कि Meta कंपनी ने किसी भारतीय को व्हाट्सऐप की कमान दी हो। और पढें: WhatsApp का पूरा मजा लेना है? पहले बदलें ये 7 जरूरी सेटिंग्स
Meta के CEO मार्क जकरबर्ग ने अपने ऑफिशियल Facebook हैंडल के जरिए इस नए फेरबदल की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि WhatsApp के हेड विल कैथकार्ट लगभग 7 साल बाद अपने पद को छोड़ रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान विल ने व्हाट्सऐप को 3 अरब से ज्यादा लोगो तक पहुंचाया। इसके अलावा, उन्होंने प्राइवेसी को भी मजबूत बनाने में अपना अहम किरदार निभाया। व्हाट्सऐप के बाद अब विल मेटा में नया रोल निभाने वाले हैं। और पढें: इंतजार खत्म! भारत में Instagram Plus, WhatsApp Plus और Facebook Plus पेड सब्सक्रिप्शन लॉन्च, जानें कीमत और Exclusive फीचर्स
इसके बाद उन्होंने ऐलान किया कि अब व्हाट्सऐप के ग्लोबल CEO कुणाल शाह होंगे। कुणाल भारत में CRED ऐप के फाउंडर रह चुके हैं। क्रेड एक क्रेडिट कार्ड कंपनी है, जो कि बिल पेमेंट के तौर पर शुरू हुई थी। हालांकि, अब इस ऐप के जरिए पेमेंट से लेकर लोन लेने तक की सुविधा मिलती है।
कुणाल शाह गुजराती परिवार से ताल्लुक रखते हैं। कुणाल का जन्म अहमदाबाद में हुआ और उनकी पढ़ाई-लिखाई मुंबई में हुई है। जहां अन्य फाउंडर व सीईओ की बात करें, तो ज्यादातर लोग IIT या फिर IIM डिग्रीधारक होते हैं या फिर कम से कम उनके पास टेक्निकल एजुकेशन में माहरथ हासिल होती है। लेकिन कुणाल शाह के साथ ऐसा नहीं है। उन्होंने मुंबई के विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी से ग्रेजुएशन की है। हालांकि, इसके बाद उन्होंने MBA शुरू किया, जिसे उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि 14 से 15 की उम्र में उन्होंने फैमिली को सपोर्ट करने के लिए कई तरह की नौकरियां भी की जिसमें डिलीवरी बॉय, डेटा ऑपरेटर, मेहंदी कोन विक्रेता, साइबर कैफे ऑपरेटर आदि का काम भी शामिल है।
साल 2010 में कुणाल ने संदीप टंडन के साथ मिलकर Frecharge की शुरुआत की थी। यह प्लेटफॉर्म रिचार्ज और बिल पेमेंट के बाद मिलने वाले रिवॉर्ड्स के लिए फेमस हुआ था। 2015 में स्नैपडील ने फ्रीचार्ज को 400 मिलियन डॉलर देकर खरीद लिया। इसके बाद कुणाल ने साल 2018 में CRED शुरू किया। वहीं, अब Meta ने CRED में 900 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।