Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: May 25, 2023, 05:30 PM (IST)
TRAI फर्जी SMS और कॉल्स पर नकेल कसने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रहा है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने कुछ समय पहले ही Airtel, Vi, Jio और BSNL जैसी टेलीकॉम कंपनियों को आदेश जारी करते हुए इस तरह के फर्जी एसएमएस व कॉल्स को रोकने के लिए 30 दिन का अल्टीमेटम दिया था। वहीं, अब इस कड़ी में रेगूलेटर ने बैंकों व वित्तीय संस्थानों के लिए भी निर्देश जारी कर दिए हैं। गुरुवार को ट्राई ने बैंको व वित्तीय संस्थानों को कहा कि मैसेज हैडर्स और कॉन्टेंट टेम्पलेट के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर लें। और पढें: Truecaller के CEO ने आखिर क्यों कहा, भारत में SPAM कॉल्स की समस्या और खराब होने वाली है?
यूजर्स की सुरक्षा को देखते हुए TRAI ने फर्जी SMS पर नकेल कसने के लिए अब बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अल्टीमेटम दे दिया है। ट्राई ने बैंको व वित्तीय संस्थानों को कहा कि मैसेज हैडर्स और कॉन्टेंट टेम्पलेट के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर लें। ट्राई ने कहा है कि वह अगले दो हफ्तों में इसको रिव्यू करेंगे और जरूरत पड़ने पर इस संबंध में नए आदेश भी जारी करेंगे। और पढें: स्पैम कॉल्स और अनचाहे प्रमोशनल SMS से हैं परेशान? TRAI का यह App करेगा प्रॉब्लम सॉल्व
आपको बता दें, बैंक, वित्तीय संस्थान, इंश्योरेंस कंपनी, ट्रेडिंग कंपनी व बिजनेस कंपनी SMS के जरिए टेलीकॉम कंपनियों को कमर्शियल मैसेज भेजती हैं। इन कंपनियों को Principal Entities (PEs) के रूप में जाना जाता है। और पढें: TRAI का नया नियम: इंश्योरेंस कंपनियों की कॉल अब इस नंबर से ही आएंगी
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की बात करें, तो किसी भी तरह के कमर्शियल संचार (SMS) के लिए इन कंपनियों को रजिस्टर्ड हेडर असाइन किया जाता है। वहीं, कंपनियों को कॉन्टेंट टेम्पलेट की जरूरत होती है, जो कि टेलीकॉम कंपनी के साथ रजिस्टर्ड होता है। SMS के जरिए कमर्शियल संचार के लिए इनकी जरूरत होती है, अगर ऐसा नहीं होता है तो इस तरह के SMS को ग्राहकों को भेजने की अनुमति नहीं होती है।
TRAI ने पाया है कि कुछ PEs बड़ी संख्या में हेडर्स और कॉन्टेंट टेम्पलेट्स रजिस्टर्ड कराती हैं। इनमें से कुछ टेम्पलेट्स का कुछ टेलीमार्केटिंग कंपनियों मिसयूज करती हैं। इसी तरह के फर्जी एसएमएस को रोकने के लिए पहले ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को आदेश जारी किए और अब बैंक और वित्तीय संस्थानों को हेडर्स व टेम्पलेट्स वेरिफाई करने के निर्देश दिए हैं।
TRAI काफी लंबे समय से इस फर्जी कॉल और एसएमएस पर रोक लगाने पर काम कर रहा है। कुछ समय पहले ही ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को टेलीमार्केटिंग मैसेज के टेम्पलेट को री-वेरिफाई करने के साथ-साथ फर्जी कॉल्स और मैसेज पर लगाम लगाने के लिए AI बेस्ड सिस्टम लाने के लिए कहा है। टेलीकॉम कंपनियां Airtel और Jio फिलहाल अपने इस नए कॉल्स और मैसेज फिल्टर को टेस्ट कर रहे हैं, जबकि वोडाफोन-आइडिया भी इसकी तैयारी में है।