Published By: Mona Dixit | Published: May 03, 2023, 11:58 AM (IST)
Telegram लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। एक बड़ी संख्या में लोग अपने दोस्तों से जुड़ने के लिए इसका यूज करते हैं। प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे फीचर्स मिलते हैं, जो यूजर्स के लिए उपयोगी होते हैं। हालांकि, हाल ही में टेलीग्राम यूजर एक बड़े स्कैम का शिकार हुआ है। पूणे में एक व्यक्ति ने टेलीग्राम फ्रॉड के तहत अपने लगभग नौ लाख रुपे गंवा दिए हैं। इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का यूज केवल लोगों से जुड़ने के लिए ही नहीं किया जाता है। बल्कि, इसके जरिए लोग और भी कई चीजों का लाभ उठाते हैं, जिनमें से एक नई नौकरी खोजना भी है। और पढें: DoT ने बढ़ाई SIM बाइंडिंग की डेडलाइन, रिपोरट्स में हुआ खुलासा, जानें क्या है वजह
यही कारण है कि समय-समय के साथ-साथ साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। अब चार लोगों ने पूणे में रहने वाले एक टेलीग्राम यूजर्स को पार्ट टाइम जॉब के तहत धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। इन लोगों ने यूजर को पैसे कमाने का लालच दिया और फिर उसे ठग लिया। आइये, डिटेल में जानने के लिए नीचे पढ़ते हैं। और पढें: Telegram के Android App का लुक पूरी तरह बदला! आया Liquid Glass डिजाइन
The Free Press Journal की रिपोर्ट के अनुसार, पूणें के वाघोली में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ चार लोगों ने स्कैम किया है। इन्होंने उसे टेलीग्राम पर पार्ट-टाइम ऑनलाइन काम का ऑफर दिया और उसके साथ धोखाधड़ी करके 8.56 लाख रुपये ले ठग लिए। और पढें: WhatsApp–Telegram जैसी कंपनियां नई सरकारी SIM Binding पॉलिसी से नाराज, लेकिन Jio–Airtel ने इस फैसले का किया स्वागत
45 साल के नीलेश मोहनलाल बंगरेचा (Nilesh Mohanlal Bangrecha) ने सोमवार को लोणीकंद पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की। नीलेश ने कहा कि रिया शुक्ला, प्रांजल सिंघल, मानवी गोयल और अवंतिका गुलेरिया के नाम के चार व्यक्तियों ने उन्हें टेलीग्राम पर कॉन्टैक्ट किया और रजिस्ट्रेशन फीस देकर लिंक पर क्लिक करने, फॉर्म भरने और ऐप डाउनलोड करने जैसे कामों को करने के लिए कहा। ये सभी चार लोग दिल्ली के पंजाबी बाग से हैं।
इन चार लोगों ने Telegram यूजर नीलेश से हर स्टेप के लिए पेमेंट करने और प्रोसेस पूरा हो जाने के बाद बोनस देने का वादा किया था। उन्होंने उसे यह भी आश्वासन दिया था कि वे उसके द्नारा दिया गया रजिस्ट्रेशन फीस वापस कर देंगे। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। जब नीलेश में अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो उसे एक्सेस खत्म कर दिया गया। आरोपी ने अलग-अलग कामों के लिए और पैसों की मांग की। जब तक नीलेश को यह समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो रहा है, तब तक उसने कुल 8.56 लाख रुपये कई अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे।
हमेशा लोगों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क किया जाता है। कभी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह की लिंक्स से बचना चाहिए।