Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Dec 02, 2025, 01:26 PM (IST)
Sanchar Saathi ऐप को लेकर हाल ही में दूरसंचार विभाग ने एक बड़ा निर्देश दिया था। इस निर्देश के तहत भारत में इस्तेमााल होने वाले सभी फोन में इस ऐप को अनिवार्य किया गया था। सरकार के इसी फैसले पर विपक्ष ने जमकर बवाल किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस तरह के ऐप को फोन में अनिवार्य करके यूजर्स की जासूसी करने की कोशिश में है। इसी तरह के आरोपो के बाद अब सरकार ने अपना पक्ष सामने रख दिया है। केंद्रीय मंत्री ने इस तरह के आरोपों को दरकिनार करते हुए साफ किया कि यह ऐप फोन में मौजूद होगी, लेकिन इसे रखना जरूरी नहीं होगा। यूजर चाहे तो इसे डिलीट कर सकते हैं। और पढें: आपके नाम पर कितने SIM हैं एक्टिव? 1 मिनट में कर लें चेक
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज मंगलवार को Sanchar Saathi ऐप पर लग रहे जासूसी व कॉल मॉनिटरिंग जैसे आरोपों पर सफाई दी है। उनके मुताबिक, संचार साथी (Sanchar Saathi) ऐप को फोन में एक्टिवेट करना पूरी तरह से ऑप्शनल होने वाला है। यूजर चाहे तो इसे एक्टिवेट कर सकते हैं और न चाहे तो डिएक्टिवेट किया जा सकता है। सिंधिया के बताया, अगर आप संचार साथी ऐप को फोन में रखना नहीं चाहते हैं, तो उसे डिलीट भी कर सकते हैं। और पढें: सेकंड हैंड मोबाइल लेते वक्त भूलकर भी न करें ये गलती, बस 2 मिनट में जानें फोन चोरी का है या नहीं
हाल ही में दूरसंचार विभान ने नए निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत भारत के सभी नए फोन में Sanchar Saathi app को प्री-इंस्टॉल मिलेगा। इसके लिए मोबाइल कंपनियों को 90 दिन का वक्त दिया गया है, जिसके अंदर वह अपने फोन में इस ऐप को इंस्टॉल करके पेश करेंगी। और पढें: हैलो बोलते ही कट जाती है कॉल? DoT ने जारी की बड़ी चेतावनी, इन्हें तुरंत करें ब्लॉक
संचार साथी की बात करें, तो इसके पोर्टल को सरकार ने सबसे पहले साल 2023 में लॉन्च किया था। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य गुम हुए और चोरी हुए फोन की रिपोर्ट करना और उन्हें ब्लॉक करना है। इसी प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स को अपने गुम हुए और चोरी फोन को ट्रैक करने की भी सुविधा मिलती है।