Published By: Harshit Harsh | Published: May 13, 2023, 05:40 PM (IST)
Online Fraud का एक और ताजा मामला सामने आया है। इसमें पुणे के एक 30 साल की महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 24 लाख रुपये की ठगी की गई है। पुलिस फिलहाल इस ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले की तहकीकात कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह ठगी 2 मई और 5 मई के बीच की गई है। डिजिटल दुनिया में इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तरह आप और हम भी ऑनलाइन धोखाधड़ी के आसानी से शिकार हो सकते हैं। इसके लिए हमें कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आइए, पहले जानते हैं पुणे में हुए इस साइबर क्राइम के बारे में… और पढें: WhatsApp में अभी ON कर लें ये खास सिक्योरिटी फीचर, स्कैमर्स नहीं बना पाएंगे आपको अपना शिकार
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे की 30 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक्स्ट्रा इनकम के लिए साइबर अपराधियों की शिकार हो गई। पुणे के रावेट पुलिस ने साइबर क्राइम का मामला दर्ज कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर को एक महिला की तरफ से मैसेज मिला था, जिसमें ऑनलाइन जॉब का ऑफर दिया गया था। महिला ने खुद को कंपनी का HR बताया था। और पढें: AI Deepfake Scam: नकली वीडियो बनाकर ठगी को दिया अंजाम, ऐसे करें खुद का बचाव
महिला ने इंजीनियर को बताया कि कंपनी फ्रीलांस एक्जीक्यूटिव्स को हायर कर रही है। उसे ऑनलाइन रिव्यू पोस्ट करना होगा, जिसके बदले में अच्छी कमाई की जा सकती है। साइबर फ्रॉड्स ने इंजीनियर को बताया कि ऑनलाइन रिव्यू करके हर सप्ताह 5000 रुपये से 13,000 रुपये तक की कमाई की जा सकती है। उसे हर रिव्यू के लिए 50 रुपये दिए जाएंगे। और पढें: क्या होता है Dark Web और यह आम इंटरनेट से अलग क्यों है? भारत के लोग हो रहे शिकार, ऐसे बचें
सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा हामी भरने के बाद उसे एक लिंक मैसेज किया गया जिसमें उसे दिए गए टास्क को पूरा करने के लिए कहा गया। महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर को इसके बाद VIP ग्रुप में ज्वॉइन करने के लिए कहा गया और प्रीपेड टास्क को चुनने के लिए कहा गया। साइबर अपराधियों द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन करते हुए इंजीनियर ने दिए गए बैंक अकाउंट पर पैसे भेजे गए।
जब इंजीनियर ने पैसे निकालना चाहा तो उसे चार दिन में 24 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। पुलिस को दिए बयान के मुताबिक, जब इंजीनियर को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है, तो उसने नजदीकी साइबर थाना में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले की जांच करने पर पाया कि साइबर अपराधियों के बैंक अकाउंट्स राजस्थान, तेलंगाना और चेन्नई के हैं। इस मामले में डिटेल जांच की जा रही है।