Written By Ashutosh Ojha
Written By Ashutosh Ojha
Edited by Ashutosh Ojha |Published: Aug 27, 2025, 03:54 PM (IST)
Google Translate AI tutor
Google ने अपने Google Translate ऐप में बड़ा बदलाव किया है। अब यह ऐप सिर्फ भाषाओं का ट्रांसलेशन नहीं करेगा, बल्कि आपको नई भाषा सीखने में भी मदद करेगा। इसके लिए गूगल ने ऐप में एक नया AI ट्यूटर फीचर जोड़ा है, जो सीखने के लिए आसान और सरल कोर्स देता है। यह फीचर गूगल को सीधे-सीधे मशहूर लर्निंग ऐप Duolingo का कंपटीशन बना देता है। खास बात यह है कि यह पूरी तरह से AI आधारित लर्निंग एक्सपीरियंस देता है, जिसमें हर यूजर की जरूरत और स्तर के हिसाब से कोर्स होता है।
इस फीचक का इस्तेमाल करने के लिए यूजर को सबसे पहले ऐप में मौजूद प्रैक्टिस बदन दबाना होगा। इसके बाद उनसे उनकी भाषा सीखने का लेवल पूछा जाएगा जैसे, Basic, Intermediate या Advanced। इसके साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि आप भाषा किस उद्देश्य से सीखना चाहते हैं। यूजर चाहे तो अपना खुद का कारण भी लिख सकता है। इन जानकारियों के आधार पर गूगल का AI आपके लिए एक खास कोर्स तैयार करेगा, जिसमें सुनने और बोलने की प्रैक्टिस शामिल होंगी। यह सिस्टम बिलकुल Duolingo जैसा एक्सपीरियंस देगा, लेकिन फर्क यह होगा कि आपके चुने हुए उद्देश्य पर आधारित होगा।
फिलहाल गूगल इस फीचर को बीटा टेस्टिंग के तहत शुरू कर रहा है। शुरुआत में यह केवल कुछ भाषाओं तक सीमित रहेगा। अंग्रेजी बोलने वाले लोग फिलहाल स्पैनिश और फ्रेंच सीख पाएंगे। वहीं फ्रेंच, स्पैनिश और पुर्तगाली बोलने वाले लोग अंग्रेजी का अभ्यास कर सकेंगे। धीरे-धीरे गूगल इस फीचर को और भाषाओं तक बढ़ाएगा। यह अपडेट Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। गूगल का कहना है कि यह फीचर भाषा सीखने वालों को ज्यादा प्रैक्टिकल और पर्सनल एक्सपीरियंस देगा।
इसके अलावा गूगल ट्रांसलेट में एक और नया फीचर Live Translation भी जोड़ा गया है। यह सुविधा दो अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोगों को रीयल-टाइम में बातचीत करने की सुविधा देती है। इस दौरान यूजर को तुरंत ऑडियो और टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन मिलते हैं। गूगल का दावा है कि यह फीचर बैकग्राउंड नॉइज को भी कम करता है, जिससे एयरपोर्ट या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी बातचीत आसान हो जाएगी। इस समय यह फीचर 70 से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें अरबी, फ्रेंच, हिंदी, कोरियन, स्पैनिश और तमिल जैसी भाषाएं शामिल हैं। शुरुआत में यह सुविधा अमेरिका, भारत और मेक्सिको के यूजर्स को दी गई है।