Written By Ashutosh Ojha
Written By Ashutosh Ojha
Edited by Ashutosh Ojha |Published: Jan 28, 2026, 03:44 PM (IST)
Google अपने AI चैटबॉट Gemini के लिए एक नया वेलनेस फीचर टेस्ट कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई यूजर Gemini से लंबे समय तक बातचीत करता है, तो ऐप उसे छोटा ब्रेक लेने की सलाह दे सकता है। यह फीचर यूजर्स को याद दिलाएगा कि Gemini एक इंसान नहीं, बल्कि एक AI है। यह अलर्ट Google ऐप के लेटेस्ट बीटा वर्जन में देखा गया है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह फीचर सभी यूजर्स के लिए कब तक रोलआउट किया जाएगा या फिर यह सिर्फ टेस्टिंग तक ही सीमित रहेगा। और पढें: Google लाया Gemini के तीन एडवांस AI मॉडल, कोडिंग करने से लेकर सिक्योरिटी की खामियां ढूंढने में करेंगे मदद
Android Authority की रिपोर्ट के अनुसार, Google App के बीटा वर्जन 17.3.59 के APK टियरडाउन के दौरान इस फीचर का पता चला। इसमें एक पॉप-अप मैसेज दिखाई देता है, जिसका टाइटल है ‘Try a short break’ इस मैसेज में लिखा होता है कि आप काफी समय से Gemini से चैट कर रहे हैं और ऐसे में ब्रेक लेना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि आप एक ऐसे AI असिस्टेंट से बात कर रहे हैं जो इंसान नहीं है, फिलहाल यह नही बताया गया है कि कितनी देर की चैट के बाद यह अलर्ट आएगा लेकिन माना जा रहा है कि Google यूजर की एक्टिविटी के आधार पर इसका समय तय कर सकता है। और पढें: Google की Gemini को लेकर बड़ी तैयारी, ला आ रहा नई AI चिप!
इस फीचर से साफ होता है कि Google अब AI के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले संभावित खतरों को लेकर सतर्क हो रहा है। हाल के समय में AI चैटबॉट्स को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। OpenAI को भी ChatGPT से जुड़े मामलों में कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां आरोप है कि कुछ यूजर्स ने AI पर बहुत ज्यादा निर्भरता बना ली थी। इन मामलों में यह भी सामने आया कि यूजर्स लंबे समय तक लगातार AI से बातचीत कर रहे थे। इसी वजह से अब बड़ी टेक कंपनियां यूजर की मानसिक सेहत को लेकर ज्यादा जिम्मेदार कदम उठाने की कोशिश कर रही हैं। और पढें: AI से फोटो बनानी है? ये 7 टूल्स आएंगे काफी काम
Gemini का यह नया अलर्ट फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए अहम माना जा रहा है, जो AI को दोस्त की तरह मानने लगते हैं या उससे भावनात्मक सहारा लेने की कोशिश करते हैं। कई रिसर्च और अकादमिक रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि लंबे समय तक चैटबॉट से भावनात्मक बातचीत करने से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, खासकर टीनएजर्स पर, Google का यह कदम यूजर्स को यह याद दिलाने के लिए है कि AI सिर्फ एक टूल है, इंसानी रिश्तों का ऑप्शन नहीं।